दतिया उपचुनाव के बीच पुलिस का ऑपरेशन, अवैध हथियारों के ठिकानों पर चला बुलडोजर

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दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में आगामी विधानसभा उपचुनावों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। चुनावी बिगुल फूंकने के साथ ही सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरी ताकत से प्रचार मैदान में उतर चुके हैं। इसी बीच, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है। मतदान प्रक्रिया से पहले एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दतिया पुलिस ने पिछले 19 वर्षों के दौरान विभिन्न आपराधिक मामलों में जब्त किए गए सैकड़ों अवैध हथियारों पर सरेआम बुलडोजर (रोलर) चलाकर उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। पुलिस विभाग द्वारा की गई यह सख्त कार्रवाई माननीय न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद अमल में लाई गई है।

न्यायालय से हरी झंडी मिलते ही मालखानों में सालों से जमा हथियारों का हुआ खात्मा

गौरतलब है कि नष्ट किए गए ये सभी हथियार कोई साधारण सामग्री नहीं थे, बल्कि इन्हें दतिया जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस ने पिछले 19 सालों में जिलेभर में घटित हुईं संगीन वारदातों, लूट, डकैती और अवैध तस्करी के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए मुस्तैदी से जब्त किया था। पुलिस प्रशासन काफी समय से इन जानलेवा हथियारों को नष्ट करने की योजना बना रहा था, लेकिन इसके लिए अदालत के अंतिम फैसले और आधिकारिक आदेश की कानूनी बाध्यता आड़े आ रही थी। बुधवार को जैसे ही दतिया न्यायालय ने इस संबंध में अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए नष्टीकरण की अनुमति दी, पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इस बड़ी कार्रवाई को अमलीजामा पहना दिया।

कंट्रोल रूम के सामने बिछाई गई मौत की खेप, भारी रोलर चलाकर किया चकनाचूर

  • सड़क पर बिछाए गए हथियार: इस अनूठी कार्रवाई के लिए दतिया पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक सामने स्थित मुख्य मार्ग को चुना गया। पुलिसकर्मियों ने मालखानों से निकालकर लाए गए सभी अवैध कट्टों, बंदूकों और पिस्तौलों को एक कतार में सड़क पर बिछा दिया।

  • बुलडोजर से हुआ खात्मा: इसके बाद एक भारी-भरकम रोड रोलर को उन हथियारों के ऊपर से कई बार गुजारा गया, जिससे लोहे और लकड़ी से बने ये सभी घातक हथियार पल भर में मलबे में तब्दील हो गए।

  • वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी: इस पूरी पारदर्शी प्रक्रिया के दौरान भांडेर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) मुख्य रूप से मौके पर मुस्तैद रहे। उन्होंने बताया कि ये हथियार साल 2007 से लेकर अब तक के विभिन्न मामलों से जुड़े थे, जिनका कोर्ट में निपटारा हो चुका था। चुनावी माहौल में सुरक्षा के मद्देनजर इन्हें मालखानों में रखना ठीक नहीं था।

कुल 628 खतरनाक हथियार किए गए जमींदोज, रिकॉर्ड को किया गया दुरुस्त

एसडीओपी ने मीडिया को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि अदालत के लिखित आदेश के तहत कुल 628 अवैध हथियारों को पूरी तरह से नष्ट किया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई की बाकायदा वीडियोग्राफी भी कराई गई है, जिसे सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि दतिया जिले के विभिन्न थानों के मालखानों में सालों से कबाड़ बन रहे हथियारों का बोझ कम होगा और वहां का पुराना रिकॉर्ड पूरी तरह से व्यवस्थित और साफ-सुथरा हो सकेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चुनाव के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।