जयपुर। राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से गर्मी का असर बढ़ने लगा है, जिससे लोग अब राहत की बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदेशवासियों का यह इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। आगामी 21 जुलाई से राज्य में मानसून का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे कई इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल कमजोर पड़े मानसून के कारण राज्य में अब तक सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। बीते गुरुवार को चूरू में पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि बीकानेर भी 40 डिग्री से ऊपर तपता रहा। हालांकि, श्रीगंगानगर में हुई 17 मिमी बारिश ने वहां के लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है।
मानसून के कमजोर होने की मुख्य वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक कर हिमालय के मैदानी क्षेत्रों में पहुंच गई है। वर्तमान में यह रेखा जम्मू, बरेली और डाल्टनगंज से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों पर बना कम दबाव का क्षेत्र भी राजस्थान में मानसूनी हवाओं को सक्रिय करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बना पा रहा है। इन दोनों बड़े मौसमी बदलावों के कारण ही पिछले कुछ दिनों से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां थमी हुई हैं और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है।
21 जुलाई से बदलेगा सूबे का मौसम
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी 21 जुलाई से राज्य के मौसम तंत्र में बड़ा बदलाव आएगा। पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके बाद इस सिस्टम का असर आगे बढ़ेगा और 22 व 23 जुलाई को पश्चिमी तथा मध्य राजस्थान के हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इस नए स्पेल से राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी और भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जिससे सूखे पड़े इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।
आज 19 जिलों में बौछारों का अनुमान
भले ही भारी बारिश का सिस्टम 21 जुलाई से सक्रिय हो रहा हो, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसमी बदलावों के कारण आज यानी शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में हल्की वर्षा या बूंदाबांदी होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां और झालावाड़ जैसे क्षेत्रों में हल्की बौछारें पड़ने की बात कही है। इसके साथ ही शनिवार यानी 20 जुलाई के लिए भी प्रदेश के 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी में मानसून की धीमी पड़ी चाल
प्रदेश की राजधानी जयपुर में भी इस बार मानसून की बेरुखी साफ देखने को मिल रही है। शहर में पिछले 11 दिनों से एक मिलीमीटर भी पानी नहीं बरसा है, जिसकी वजह से जुलाई महीने में होने वाली बारिश का आंकड़ा अपने तय औसत से काफी पीछे चल रहा है। जून और जुलाई के महीनों को मिलाकर अब तक जयपुर में कुल 135 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की जा सकी है, जबकि अकेले जुलाई महीने का सामान्य औसत ही लगभग 180 मिमी के करीब होता है। मौसम विभाग का मानना है कि 21 जुलाई के बाद बनने वाली नई मौसमी परिस्थितियों से राजधानी समेत पूरे सूबे में बारिश की रफ्तार तेज होगी और जल संकट से जूझ रहे इलाकों को राहत मिलेगी।








