यमुनानगर। थाना साढौरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को एक युवक बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले की जानकारी मिलते ही पीड़िता के पिता ने तुरंत महिला पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
नाबालिग छात्रा को बंधक बनाकर दुष्कर्म
पीड़ित पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनकी बेटियां क्षेत्र के एक राजकीय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। आरोप है कि बीते 14 जुलाई की सुबह मुख्य आरोपी अंसुल अचानक बेटियों के स्कूल पहुंच गया। वहाँ उसने किसी बहाने से उनकी 17 वर्षीय बड़ी बेटी को अपनी बातों के जाल में फंसाया और जबरन बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गया। घर ले जाने के बाद आरोपी ने छात्रा को एक कमरे में बंधक बना लिया और डरा-धमकाकर उसके साथ इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया।
सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
महिला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है और मुख्य आरोपी सहित उसकी मां, दो भाइयों और तीन अन्य साथियों समेत कुल सात लोगों को विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत नामजद किया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस पूरी आपराधिक साजिश और प्रताड़ना में आरोपी के परिवार और दोस्तों की भी पूरी संलिप्तता थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कसते हुए उनकी धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया है।
लगातार छेड़खानी और पीछा करने का आरोप
पुलिस को दी गई जानकारी में पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी अंसुल और उसके साथी वंश, मनदीप तथा एक अन्य युवक काफी समय से उनकी बेटियों का स्कूल आते-जाते वक्त पीछा करते थे। ये लड़के सरेराह बेटियों के साथ छेड़खानी करते थे और उन पर अश्लील टिप्पणियां भी कसा करते थे। इतना ही नहीं, ये मनचले शाम के समय पीड़ित के गांव आकर उनके घर के बाहर बाइकों पर चक्कर काटते थे और परिवार को डराने के लिए खुलेआम ललकारते थे।
विरोध करने पर पूरे परिवार को दी धमकी
इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर जब पीड़ित परिवार ने आरोपियों की इस बदतमीजी का विरोध किया, तो उन्होंने पीड़िता के भतीजे को जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली। पीड़ित पिता ने मुख्य आरोपी की मां किरण और उसके भाइयों आर्यन व अनुज से भी इस संबंध में बात कर लड़कों को समझाने की मिन्नत की थी, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों को रोकने के बजाय मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। इसी शह के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने इस बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया, जिसकी अब पुलिस गहनता से जांच कर रही है।









