नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से प्रारंभ हो गया है, जिसके साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सत्र के पहले ही दिन आक्रामक रुख अपनाते हुए मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खरगे ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष संसद में जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार से हर मोर्चे पर तीखे सवाल करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता के अधिकारों और उनके विश्वास की रक्षा के लिए विपक्ष सदन के भीतर और बाहर पूरी मजबूती के साथ अपनी आवाज उठाएगा।
राम मंदिर निर्माण में चंदे की जांच की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने श्री राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की थी, जिसके साथ कथित 'चंदा चोरी' और आस्था से खिलवाड़ किया गया है। खरगे ने इस मामले में श्रद्धालुओं को न्याय दिलाने के उद्देश्य से एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे का पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए ताकि लोगों की आस्था पर लगे प्रश्नों का समाधान हो सके।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा
खरगे ने शिक्षा प्रणाली की बदहाली और परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 2014 से अब तक देश में 152 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके कारण न केवल लाखों युवाओं का भविष्य अधर में है, बल्कि 25 छात्रों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। इस गंभीर विफलता के लिए उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उनका तर्क है कि शिक्षा जगत में आई इस गिरावट के लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है।
नीतिगत फैसलों और एथेनॉल पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार के विभिन्न नीतिगत निर्णयों पर भी निशाना साधा। उन्होंने 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर अनिवार्य रूप से थोपे गए एथेनॉल मिश्रण को जनता पर आर्थिक बोझ और एक असफल 'प्रयोग' करार दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या भाजपा सरकार का एकमात्र कार्य जनता की कमाई को लूटकर अपनी नीतियों को थोपना रह गया है। आगामी दिनों में विपक्ष इन मुद्दों के अलावा अन्य विधेयकों और देश की आम जनता को प्रभावित करने वाले विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है।









