जहानाबाद में हिंसक प्रदर्शन, डीएम आवास पर तोड़फोड़ से तनाव

0
6

जहानाबाद: नीट पेपर लीक मामले और अभ्यर्थियों के समर्थन में चल रहा विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को जहानाबाद में अचानक बेकाबू हो गया। देखते ही देखते इस प्रदर्शन ने बेहद हिंसक रूप ले लिया, जब उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों के एक दल ने सीधे जिला अधिकारी (DM) निवास का रुख कर दिया। परिसर के पास पहुंचते ही भीड़ ने अंधाधुंध पथराव और भारी तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई और बिगड़ते हालात को संभालने के लिए पुलिस बल को हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और प्रशासन मुस्तैदी से हर गतिविधि पर निगरानी रख रहा है।

शांतिपूर्ण मार्च से शुरू होकर हिंसक झड़प में तब्दील हुआ आंदोलन

विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर निकाला गया यह प्रतिवाद मार्च शुरुआत में काफी शांत और अनुशासित था। प्रदर्शन में शामिल युवा NEET धांधली की निष्पक्ष जांच और प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। हालांकि, जैसे ही युवाओं का यह विशाल जुलूस जिला अधिकारी (DM) आवास के मुहाने पर पहुंचा, माहौल अचानक गरमा गया और भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

डीएम आवास के बाहर जबरदस्त तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव

उपद्रवियों ने जिला अधिकारी निवास के बाहर लगी आधिकारिक नेम प्लेट को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर को निशाना बनाया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने शुरुआती दौर में भीड़ को खदेड़ने और काबू में करने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों की ओर से लगातार जारी पथराव के कारण सुरक्षा मानकों के तहत पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस हिंसक झड़प में कुछ पुलिस जवानों के घायल होने की खबर सामने आई है।

छावनी में तब्दील हुआ पूरा जहानाबाद शहर

घटना के तुरंत बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने शहर के सभी संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और सरकारी इमारतों के आसपास भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। आला अधिकारी स्वयं जमीनी स्तर पर गश्त कर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या दोबारा हिंसा को फैलने से रोका जा सके।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल एक-एक दोषी की शिनाख्त के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बलवा करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक अधिकार की आड़ में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।