भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून का असर पूरी तरह दिखाई दे रहा है। राज्य में कई मौसमी प्रणालियों के मजबूत होने से आगामी 26 और 27 जुलाई तक प्रदेश भर में मध्यम से लेकर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, आलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर, श्योपुरकलां और पन्ना जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित राज्य के लगभग 50 अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली चमकने व गिरने) की चेतावनी जारी की गई है।
प्रदेश में तीन मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में तीन प्रमुख वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव हैं। मानसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, गुना और दमोह से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। वहीं, उत्तर-पूर्व अरब सागर से मणिपुर तक फैला 'ईस्ट-वेस्ट शियर जोन' भी मध्य प्रदेश के ऊपर से निकल रहा है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में अच्छी बारिश का दौर बना रहेगा।
प्रदेश में अब भी सामान्य से कम बारिश
इस सीजन में 1 जून से 23 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश में औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश (14.1 इंच) की तुलना में करीब 10 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6% कम पानी गिरा है। प्रदेश के 41 जिलों में फिलहाल सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि केवल 15 जिलों में ही सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
अब तक सबसे अधिक 18.5 इंच बारिश देवास जिले में हुई है, जबकि बालाघाट में 18 इंच और भोपाल में 16.4 इंच पानी गिर चुका है। दूसरी तरफ आलीराजपुर जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां अब तक मात्र 2 इंच के आसपास बारिश हुई है, जो कि सामान्य से लगभग 78 प्रतिशत कम है। हालांकि, जुलाई के अंत तक जारी रहने वाले इस बारिश के दौर से कोटा पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।









