नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक ओपनर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने मैदान पर तूफानी पारी खेलते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से ही हर तरफ उनकी प्रतिभा की चर्चा हो रही है।
मात्र 19 गेंदों में खेली विस्फोटक पारी, जड़े ताबड़तोड़ चौके-छक्के
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वैभव ने बिना किसी दबाव के खुलकर अपने शॉट्स खेले।
रिकॉर्ड तोड़ पारी: युवा बल्लेबाज ने मात्र 19 गेंदों का सामना करते हुए अपनी इस शानदार पारी में 4 बेहतरीन चौके और 4 गगनचुंबी छक्के उड़ाए और देखते ही देखते अपने 50 रन पूरे कर लिए।
उनकी इस तेजतर्रार पारी ने विपक्षी टीम के गेंदबाजों के होश उड़ा दिए और भारतीय टीम को मैच में एक मजबूत शुरुआत दिलाई।
सफलता का श्रेय परिवार और कोचों को किया समर्पित
इस रिकॉर्डतोड़ और ऐतिहासिक पारी के बाद बीसीसीआई (BCCI) द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में वैभव सूर्यवंशी ने खुलकर अपने दिल की बात कही।
किसको समर्पित की पारी? अपनी इस सफलता पर बात करते हुए युवा सनसनी वैभव ने कहा, "मैं अपना यह पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक अपने पूरे परिवार, अपने सभी गुरुओं (कोच) और मेरे जीवन के हर अच्छे व बुरे समय में मेरा चट्टान की तरह साथ देने वाले सभी समर्थकों को समर्पित करना चाहता हूं।"
भविष्य के लिए एक चमकता हुआ सितारा
वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा दबाव झेलते हुए रिकॉर्ड बनाना उनकी असाधारण प्रतिभा और मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है। क्रिकेट जगत के दिग्गज भी इस युवा खिलाड़ी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं और आने वाले समय में उन्हें टीम इंडिया का एक बड़ा मैच विनर माना जा रहा है।









