पटना: तीन दिन पूर्व राजधानी में हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद बिहार पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISA) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) द्वारा आयोजित बिहार बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। इस बंद को राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और वामदलों समेत पूरे महागठबंधन का समर्थन प्राप्त है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पटना जिला प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें सुबह से ही मुस्तैद हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और वाटर कैनन तैनात
राजधानी के सभी प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली मोड़, इनकम टैक्स चौराहा, बेली रोड और पटना एयरपोर्ट के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। विशेष रूप से डाकबंगला चौराहा और जेपी गोलंबर पर दंगा नियंत्रण उपकरणों और वाटर कैनन के साथ 500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और बीएसएफ के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।
शहर में जनजीवन सामान्य और सोशल मीडिया पर कड़ा पहरा
वर्तमान में पटना के अधिकांश इलाकों जैसे बोरिंग रोड, राजा बाजार, जगदेव पथ और सगुना मोड़ पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और बाजार भी खुले हुए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने 118 संदिग्ध व्यक्तियों को अपनी रडार पर रखा है ताकि किसी भी तरह के उपद्रव को समय रहते रोका जा सके।
विधायक समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
बंद के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना पुलिस ने एक दिन पूर्व ही धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया था। पुलिस ने भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय समेत 19 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस की विभिन्न टीमों ने विभिन्न छात्र हॉस्टलों में भी तलाशी अभियान चलाया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का स्वागत है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।









