पीयूष गोयल के फर्जी वीडियो पर बवाल, डीपफेक बनाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज

0
7

दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से जुड़े एक फर्जी और भ्रामक डीपफेक वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का मामला सामने आया है। इस गंभीर घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया है और इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि संसद के बाहर मीडिया से हुई उनकी बातचीत के पुराने वीडियो के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से दुर्भावनापूर्ण छेड़छाड़ की गई है।

  • एक मनगढ़ंत डीपफेक वीडियो तैयार करके समाज में गलत सूचना और भ्रम फैलाने के मकसद से इसे सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया जा रहा है।

  • पीयूष गोयल ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस में शिकायत दी थी, जिसके बाद शनिवार सुबह चाणक्यपुरी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के फर्जी वीडियो को बनाने, इसे आगे फॉरवर्ड करने या जानबूझकर बढ़ावा देने वाले हर एक व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'एआई का गैर-जिम्मेदाराना दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं'

केंद्रीय मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि जनता को गुमराह करने और माहौल खराब करने के लिए एआई का इस तरह का दुर्भावनापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना दुरुपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • उन्होंने देश की आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक तथा विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।

  • पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि भारत के जागरूक, समझदार और तकनीक की पूरी समझ रखने वाले नागरिक, विशेष रूप से हमारे देश के युवा, इस तरह के फर्जीवाड़े और एआई से फैलाई जा रही गलत जानकारियों का कभी शिकार नहीं बनेंगे।

पाकिस्तान के दुष्प्रचार खाते से फैलाया गया था वीडियो

सामने आया है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का यह डीपफेक वीडियो उस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का प्रदर्शन चल रहा था।

  • इस फर्जी वीडियो के जरिए यह झूठा दावा किया गया था कि मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई धमकी भरी बात कही है।

  • हालांकि, बाद में पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) की आधिकारिक जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि इस मनगढ़ंत वीडियो को पाकिस्तान से संचालित होने वाले कुछ दुष्प्रचार (प्रोपेगैंडा) खातों के जरिए सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। पुलिस अब इस मामले के तकनीकी पहलुओं और इसके पीछे के मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हुई है।