इतिहास का सबसे महंगा तलाक! कोर्ट के फैसले से टेक दिग्गज को लगा ₹6,221 करोड़ का झटका

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सियोल| दक्षिण कोरिया की एक अपीलीय अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए देश के दिग्गज टेक समूह एसके ग्रुप के चेयरमैन चे ताए-वोन को उनकी पूर्व पत्नी रो सोह-योंग को तलाक के संपत्ति बंटवारे के रूप में 944 अरब वॉन (भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 6221 करोड़ रुपये) नकद चुकाने का सख्त निर्देश दिया है। अदालत ने अपने फैसले में इस बात को फिर से दोहराया कि चेयरमैन चे ताए-वोन के स्वामित्व वाले एसके ग्रुप के शेयर उनकी वैवाहिक संपत्ति का एक अहम हिस्सा हैं।

संपत्ति के बंटवारे और फैसले से जुड़े मुख्य बिंदु

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सियोल हाईकोर्ट ने पूर्व में सुनाए गए 1.38 ट्रिलियन वॉन के अपने ही फैसले को संशोधित करते हुए अब इसे घटाकर 944 अरब वॉन कर दिया है।

  • देश के सुप्रीम कोर्ट द्वारा संपत्ति के बंटवारे के अनुपात की फिर से सटीक गणना करने के निर्देश दिए जाने के बाद यह नया फैसला आया है।

  • इसके बावजूद तय की गई यह भारी-भरकम राशि निचली अदालत द्वारा शुरुआती दौर में तय किए गए 66.5 अरब वॉन से लगभग 14 गुना अधिक है।

'दोनों ने मिलकर बढ़ाई संपत्ति': अदालत की टिप्पणी

अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में स्पष्ट किया कि विवाह की अवधि के दौरान चेयरमैन चे ताए-वोन के नाम पर अर्जित किए गए तमाम शेयर वैध रूप से वैवाहिक संपत्ति हैं, क्योंकि इस परिवार के निर्माण, संरक्षण और उनके मूल्य में भारी वृद्धि करने में दोनों पति-पत्नी ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया था।

  • अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, "चेयरमैन चे के पास मौजूद शेयर शादी के दौरान उनके नाम पर अर्जित की गई संपत्ति हैं। चेयरमैन चे और निदेशक रो, दोनों ने ही इन संपत्तियों के निर्माण के साथ-साथ इनकी देखरेख और व्यावसायिक मूल्य को बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाई है।"

  • अदालत ने यह भी संज्ञान लिया कि जहां एक ओर चे ताए-वोन के दूरदर्शी कारोबारी और व्यावसायिक फैसलों से कंपनी का कुल मूल्य काफी ऊंचाइयों पर पहुंचा, वहीं दूसरी ओर रो सोह-योंग ने घर-गृहस्थी संभालने, बच्चों की बेहतरीन परवरिश करने और एसके ग्रुप से जुड़ी विभिन्न सामाजिक व बाहरी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपना योगदान दिया।

शेयर सुरक्षित रहेंगे, पूरी राशि नकद दी जाएगी

अीलीय अदालत ने अपने निर्देश में यह भी साफ किया कि रो सोह-योंग को उनके हिस्से की पूरी राशि सिर्फ नकद (Cash) के रूप में ही दी जाएगी। इससे चेयरमैन चे ताए-वोन अपने एसके ग्रुप के शेयर अपने पास ही सुरक्षित रख सकेंगे और उनके मालिकाना हक पर कोई आंच नहीं आएगी।

  • फैसले में कहा गया, "चेयरमैन चे अपने एसके शेयरों के एकमात्र मालिक बने रहेंगे और निदेशक रो के हिस्से की संपूर्ण शेष राशि उन्हें नकद के रूप में अदा की जाएगी।"

  • अदालत का मानना था कि यदि कंपनी के शेयर जबरन हस्तांतरित किए गए, तो इससे दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली व्यावसायिक समूहों में शुमार एसके ग्रुप के प्रबंधन और नियंत्रण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कानूनी लड़ाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं

इस हाई-प्रोटिफ़ाइल तलाक और संपत्ति विवाद मामले में कानूनी खींचतान अभी पूरी तरह थमी नहीं है।

  • इस दंपती के तलाक और लगभग 2 अरब वॉन की गुजारा भत्ता (Alimony) राशि को दक्षिण कोरिया का सुप्रीम कोर्ट पहले ही पिछले साल अंतिम रूप दे चुका था, और केवल संपत्ति के सही बंटवारे का मामला ही दोबारा सुनवाई के लिए नीचे भेजा गया था।

  • वर्तमान नियमों के अनुसार, चे ताए-वोन और रो सोह-योंग दोनों पक्षों के पास इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में चुनौती देने का कानूनी अधिकार सुरक्षित है। यदि इनमें से किसी भी पक्ष ने इस फैसले पर आपत्ति जताई, तो यह मामला एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर पहुंच सकता है।

फैसले के तुरंत बाद चेयरमैन चे ताए-वोन की कानूनी टीम ने मीडिया से कहा कि वे इस विस्तृत लिखित आदेश का बारीकी से अध्ययन करने के बाद ही अपनी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देंगे, जबकि रो सोह-योंग के वकील अदालत परिसर से बिना किसी प्रकार की मीडिया टिप्पणी के रवाना हो गए।