भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में शहर की सार्वजनिक यातायात व्यवस्था को हाई-टेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक बड़ी शुरुआत होने जा रही है। 'पीएम ई-बस सेवा योजना' के तहत भोपाल पहुंचीं अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का सोमवार से ट्रायल रन शुरू किया जा रहा है।
शुरुआती चरण में खाली दौड़ेंगी ई-बसें
ट्रायल के पहले चरण के तहत कोच फैक्ट्री से औबेदुल्लागंज वाले मार्ग पर 10 इलेक्ट्रिक बसों को बिना यात्रियों के चलाया जाएगा। इस दौरान तकनीकी विशेषज्ञ बसों के प्रदर्शन, सड़क पर उनकी रफ्तार, ब्रेकिंग सिस्टम और चार्जिंग क्षमता का गहराई से परीक्षण करेंगे।
5 दिनों की सख्त टेस्टिंग और आगे का प्लान
यह ट्रायल रन लगातार पांच दिनों तक चलेगा ताकि विभिन्न ट्रैफिक परिस्थितियों और मौसम के बीच बसों के प्रदर्शन का सही आकलन किया जा सके। अधिकारियों का मुख्य मकसद नियमित सेवा शुरू होने से पहले यात्रियों के लिए सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक सफर सुनिश्चित करना है। यदि यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है, तो शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी इन बसों का नियमित परिचालन जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
प्रमुख रूट्स और तकनीकी पहलुओं की जांच
परीक्षण प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा गया है—पहले चरण में बिना सवारी के और दूसरे चरण में यात्रियों के साथ व्यावहारिक जांच की जाएगी। दूसरे चरण में कोच फैक्ट्री-औबेदुल्लागंज के अलावा फंदा-मंडीदीप और बैरागढ़-कटारा हिल्स जैसे व्यस्त रूट्स शामिल रहेंगे। जांच के दौरान बसों की जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, चार्जिंग बैकअप के साथ-साथ भारी ट्रैफिक और चढ़ाई वाले रास्तों पर इनके प्रदर्शन को परखा जाएगा।









