किसान आंदोलन के चलते भोपाल में बड़ा फैसला, कई स्कूलों में आज अवकाश घोषित

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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे किसान आंदोलन का सीधा असर अब आम जनजीवन और बच्चों की पढ़ाई पर दिखाई देने लगा है। मूंग की शत-प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी और खाद वितरण में आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग को लेकर हजारों किसान राजधानी की सड़कों पर उतर आए हैं। किसानों के इस 'घेरा डालो-डेरा डालो' और मुख्यमंत्री आवास के घेराव के कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हालात की गंभीरता और यातायात मार्गों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय स्कूलों ने बड़ा कदम उठाया है।

होशंगाबाद रोड और सावरकर सेतु के पास हजारों किसानों का जमावड़ा, कई इलाकों में ट्रैफिक जाम

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर और रायसेन समेत कई जिलों से आए हजारों किसान भोपाल में डेरा डाले हुए हैं। मंगलवार को बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़े किसानों को पुलिस ने होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पास रोक लिया था। इसके बाद से किसान वहीं सड़क पर डटे हुए हैं और उन्होंने रात वहीं बिताई। इस उग्र प्रदर्शन और भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे रोजमर्रा आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में छुट्टी का फैसला

किसानों के उग्र प्रदर्शन और सड़कों पर जाम के हालात को देखते हुए राजधानी के होशंगाबाद रोड और प्रभावित इलाकों के कई प्रमुख निजी विद्यालयों ने आज एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया है। स्कूलों की ओर से सुबह तड़के ही अभिभावकों को संदेश भेजकर सूचित कर दिया गया था कि बच्चों की सुरक्षा और आवागमन में होने वाली असुविधा से बचने के लिए विद्यालय बंद रहेंगे। प्रशासन ने भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े प्रशासनिक और पुलिस उपाय किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत जारी, आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क

एक तरफ जहां किसान अपनी प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने और अड़े रहने की जिद पर हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार बातचीत के जरिए हल निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि मंत्री द्वारा केंद्रीय स्तर पर भी पत्राचार किया गया है। हालांकि, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है और पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।