रेस्क्यू ऑपरेशन सफल! 25 फीट गहरे कुएं में फंसे भालू को घंटों की मशक्कत के बाद बचाया गया

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कोरबा| वन परिक्षेत्र केंदई के अंतर्गत आने वाले ग्राम छिंदिया में बुधवार के दिन एक जंगली भालू के खुले कुएं में जा गिरने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय वन विभाग की बचाव टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुँची। विभाग द्वारा देर रात तक चले एक लंबे और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भालू को पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकालकर वापस जंगल की ओर सुरक्षित खदेड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना और रेस्क्यू प्रक्रिया के दौरान भालू को किसी भी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं पहुँची।

चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू अभियान, वन विभाग ने की सूझबूझ से शुरुआत

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अमले ने तुरंत मौके पर पहुँचकर कुएं के चारों तरफ सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग) तैयार कर दिया और आसपास एकत्र हुए ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सख्त समझाइश दी, ताकि भालू अत्यधिक तनावग्रस्त न हो और किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके। कुएं की अत्यधिक गहराई और अंदर फंसे भयभीत भालू के कारण यह रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। शुरुआत में वन कर्मियों द्वारा पारंपरिक तरीकों और रस्सियों की मदद से भालू को बाहर निकालने के कई प्रयास किए गए, परंतु उसमें सफलता नहीं मिल पाई।

जेसीबी मशीन और बांस की सीढ़ी से तैयार किया गया सुरक्षित रास्ता

परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और एक जेसीबी मशीन की सहायता से कुएं के ठीक बगल की मिट्टी खोदकर एक सुरक्षित ढलाननुमा रास्ता तैयार किया। इसके साथ ही कुएं के भीतर एक मजबूत बांस की सीढ़ी उतारी गई, ताकि भालू आसानी से उस पर पैर रखकर ऊपर चढ़ सके। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पूरे क्षेत्र से भीड़ को पूरी तरह हटाकर एक शांत वातावरण सुनिश्चित किया गया, जिससे वन्यजीव बिना किसी घबराहट के बाहर आ सके। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार रात लगभग 12 बजे भालू ने बांस की सीढ़ी और जेसीबी द्वारा बनाए गए ढलान का सहारा लिया और कुएं से बाहर छलांग लगाते हुए सीधे समीपवर्ती जंगल की घनी झाड़ियों की ओर निकल गया। भालू के सकुशल जंगल में लौटने पर वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने चैन की सांस ली।

अधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम के सहयोग से सफल हुआ अभियान

यह सफल बचाव अभियान कटघोरा के वनमंडलाधिकारी (DFO) कुमार निशांत के कुशल निर्देशन तथा उप वनमंडलाधिकारी (SDO) संजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस पूरे ऑपरेशन को जमीन पर उतारने में वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक कुमार दुबे, वनपाल शारदा प्रसाद शर्मा, मंगल सिंह नायक, वनरक्षक गंगाराम नेताम, अशोक कुमार श्रीवास, मुरारी लाल साहू, प्रहलाद सिदार, हाथी मित्र दल के सदस्य संदीप उइके, भोला यादव तथा क्षेत्र के जागरूक स्थानीय ग्रामीणों ने अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका निभाई।

वन विभाग की आम जनता से विशेष अपील

इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र के सभी नागरिकों और ग्रामीणों से यह अपील की है कि यदि भविष्य में कभी भी कोई वन्यजीव किसी खुले कुएं, गहरे गड्ढे या अन्य संकट में फंसा हुआ दिखाई दे, तो आम लोग खुद उसे निकालने का जोखिम भरा प्रयास बिल्कुल न करें और न ही मौके पर भीड़ इकट्ठा होने दें। ऐसी किसी भी स्थिति की सूचना तुरंत नजदीकी वन विभाग के अधिकारियों को दी जानी चाहिए। विभाग ने यह भी आग्रह किया है कि ग्रामीण अपने खेतों और परिसरों में बने खुले कुओं के चारों ओर पक्की दीवार या मजबूत सुरक्षा घेरा जरूर बनाएँ, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।