पिपराइच| थाना क्षेत्र के बेला चौराहे पर शनिवार की रात पुरानी दुश्मनी के चलते दो नाबालिगों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल नौ वर्षीय मासूम बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 15 साल के एक अन्य किशोर की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इस दुखद हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों का आरोप है कि पुरानी शिकायत और घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ने समय पर कोई उचित कदम नहीं उठाया।
छेड़खानी की शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप
माधोपुर के रहने वाले राजू सिंह के मुताबिक, करीब एक महीने पहले उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुई छेड़खानी के सिलसिले में कुछ लोगों के खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उस समय कोई सख्त कदम नहीं उठाया, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद और तनाव बढ़ता चला गया।
दुकान जाते समय घेरकर किया गया हमला
शनिवार रात लगभग नौ बजे राजू सिंह का बेटा शिवकुमार और उनके साढ़ू अरविंद सिंह का 9 वर्षीय बेटा सरस सिंह बेला चौराहे की तरफ दुकान पर जा रहे थे। आरोप है कि तभी केवटान टोला के कुछ असामाजिक तत्वों ने दोनों को घेर लिया और लाठी, डंडों, लोहे की छड़ों व ईंट-पत्थरों से उन पर बेरहमी से हमला कर दिया।
इलाज के दौरान बालक की मौत, गांव में पुलिस बल तैनात
दोनों घायलों को गंभीर हालत में तुरंत सीएचसी पिपराइच ले जाया गया, जहाँ से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान मासूम सरस सिंह ने दम तोड़ दिया, जबकि शिवकुमार की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
बालक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर पुलिस छेड़खानी की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई करती और सूचना मिलते ही मौके पर पहुँच जाती, तो इस घटना को रोका जा सकता था। फिलहाल, पुलिस ने दर्ज एफआईआर में धाराएं बढ़ाते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।









