कोरबा| छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में शादी का झूठा झांसा देकर एक युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने आखिरकार फरार आरोपी को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों की पहचान एक शादी समारोह के दौरान हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने शादी का पक्का भरोसा देकर पीड़िता का लगातार शारीरिक शोषण किया।
सोशल मीडिया और AI तस्वीरों के जाल में फंसाया
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई तस्वीरों के जरिए युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और करीब एक साल तक लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। लेकिन जब पीड़िता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया। घटना के सामने आने के बाद से ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचकर फरार चल रहा था, जिसे अब पुलिस ने दबोच लिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बांकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 147/2026 और धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुदरीपारा निवासी 32 वर्षीय आरोपी राहुल दास पर यह गंभीर आरोप है कि उसने 16 मार्च 2025 से लेकर 10 सितंबर 2025 के बीच पीड़िता को विवाह का प्रलोभन देकर कई बार अपनी हवस का शिकार बनाया। बताया जाता है कि दोनों की पहली मुलाकात एक वैवाहिक कार्यक्रम में हुई थी, जिसके बाद मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए उनकी बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ था। इस दौरान बातचीत में युवती द्वारा भेजी गई कुछ AI-एडिटेड तस्वीरों को देखकर आरोपी उसके प्रति और आकर्षित हो गया तथा शादी का झांसा देकर शोषण का दौर शुरू कर दिया।
पीड़िता की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई
जब पीड़िता ने आरोपी पर शादी करने के लिए लगातार दबाव डाला, तो उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आहत होकर पीड़िता ने गत 22 जुलाई 2026 को बांकीमोंगरा थाने में पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से विवेचना शुरू कर दी। जांच के दौरान पीड़िता और अन्य गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के कथन कराए गए। साथ ही, घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
रोजी-मजदूरी का काम करने वाले इस आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कटघोरा स्थित न्यायालय में पेश किया, जहाँ से अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर और गैर-जमानती प्रकृति का है, तथा इस संबंध में आगे की कानूनी विवेचना अभी भी जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर अजनबी रिश्तों और पहचान को लेकर युवक-युवतियों को अत्यधिक सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।









