दुर्ग के रितेश कुमार सोनी को मिली मासिक बिजली बिल की चिंता से राहत

0
6

रायपुर :  आधुनिक तकनीक के उपयोग से अब बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली की खपत पर नजर रखना और खर्च का प्रबंधन करना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराकर न केवल पारदर्शिता बढ़ा रहे हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक बचत के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। दुर्ग शहर के वार्ड क्रमांक 9, गिरधारी नगर निवासी रितेश कुमार सोनी इसका सफल उदाहरण हैं, जिनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल को लेकर होने वाली चिंता लगभग समाप्त हो गई है।

अब हर घंटे की बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर
        रितेश कुमार सोनी बताते हैं कि पहले उन्हें पूरे महीने बिजली उपयोग का सही अनुमान नहीं लग पाता था। बिजली बिल आने के बाद ही वास्तविक खपत का पता चलता था और कई बार अपेक्षा से अधिक बिल आने पर परेशानी होती थी। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब वे ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन और प्रति घंटे अपने घर की बिजली खपत की जानकारी आसानी से देख सकते हैं। ऐप पर यह भी स्पष्ट दिखाई देता है कि किस समय बिजली की खपत अधिक हुई और किस समय कम, जिससे वे अनावश्यक बिजली उपयोग की पहचान कर उसे तुरंत नियंत्रित कर लेते हैं।

बिल आने से पहले ही लग जाता है खर्च का अनुमान
        रितेश कुमार सोनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब बिजली बिल को लेकर अनिश्चितता नहीं रहती। मोबाइल ऐप पर प्रतिदिन बिजली की खपत दिखाई देने से उन्हें पहले ही यह अनुमान हो जाता है कि महीने का बिजली बिल कितना आ सकता है। इससे वे अपनी आवश्यकता के अनुसार बिजली उपयोग को नियंत्रित कर आर्थिक बचत भी कर रहे हैं।

पिछले वर्ष की खपत से तुलना कर रहे ऊर्जा की बचत
       ‘मोर बिजली’ ऐप की एक विशेष सुविधा यह भी है कि इसमें पिछले वर्ष की समान अवधि की बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध रहती है। इससे उपभोक्ता आसानी से तुलना कर सकते हैं कि उनकी बिजली खपत बढ़ी है या कम हुई है। रितेश कुमार सोनी इस सुविधा का उपयोग कर ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाते हैं। वे अनावश्यक लाइट और पंखे बंद रखते हैं, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करते हैं तथा बिजली का सोच-समझकर उपयोग करते हैं।

परिवार में विकसित हुई ऊर्जा संरक्षण की नई संस्कृति
       रितेश बताते हैं कि स्मार्ट मीटर और मोबाइल ऐप के उपयोग से उनके पूरे परिवार में बिजली बचाने की आदत विकसित हुई है। परिवार के सदस्य अब ऊर्जा संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं। बच्चे भी समझने लगे हैं कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बिजली की बचत की जा सकती है और इससे मासिक खर्च भी कम होता है।

स्मार्ट मीटर बना जागरूक उपभोक्ता का साथी
       रितेश कुमार सोनी का मानना है कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली मापने का उपकरण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने वाला प्रभावी माध्यम है। वास्तविक समय में उपलब्ध जानकारी से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रख सकता है, अनावश्यक उपयोग कम कर सकता है और ऊर्जा संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।