जनसमस्याओं के समाधान पर फोकस, सीएम मोहन यादव आज लॉन्च करेंगे ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’

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छिंदवाड़ा| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज छिंदवाड़ा जिले से बहुप्रतीक्षित 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026' का आधिकारिक रूप से शुभारंभ करने जा रहे हैं। राज्य सरकार के आधिकारिक बयानों के अनुसार, इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश शासन और आम नागरिकों के बीच सीधा और पारदर्शी संवाद स्थापित करना, जनसामान्य की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना तथा सभी कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की सख्त समीक्षा करना है।

'जन-विश्वास से जन-उत्थान की ओर' बढ़ता कदम

इस अभियान की औपचारिक शुरुआत करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि 'जन-विश्वास से जन-उत्थान की ओर बढ़ते कदम' इस पूरी पहल का मूल मंत्र और भाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जन-विश्वास अभियान के माध्यम से प्रदेश के आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी कठिनाइयों को दूर किया जाएगा, जिससे राज्य में सुशासन को धरातल पर और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और पूर्ण रूप से जवाबदेह बनाया जा सके।

छिंदवाड़ा से होगी शुरुआत, पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान

छिंदवाड़ा से इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत के बाद इसे समूचे मध्य प्रदेश में नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। सरकार की निर्धारित कार्ययोजना के मुताबिक, अब हर शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री, विभिन्न मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहरी वार्डों का औचक और नियमित दौरा करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय रहवासियों से रूबरू होकर सीधी चर्चा करेंगे, चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे, शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे और मौके पर मिलने वाली शिकायतों के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देंगे।

मैदानी स्तर पर योजनाओं का जायजा लेंगे अधिकारी

इस व्यापक अभियान के तहत सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था, राजस्व मामले, सामाजिक सुरक्षा और अन्य स्थानीय बुनियादी समस्याओं की जमीनी स्थिति का बारीकी से आकलन करें। इस दौरान मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, लाड़ली बहना योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना, किसान कल्याणकारी योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विशेष समीक्षा की जाएगी। यह भी विशेष रूप से जांचा जाएगा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल रहा है या नहीं।

प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना है मकसद

राज्य सरकार का यह भी कहना है कि यह अभियान केवल आम जनता की शिकायतें सुनने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह विभिन्न विभागों की जवाबदेही तय करने, लंबे समय से लंबित मामलों का समय पर निपटारा करने और संपूर्ण प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। इस पूरे अभियान के दौरान जनता और मैदानी स्तर से मिलने वाले फीडबैक (प्रतिपुष्टि) के आधार पर भविष्य में विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी।