वाशिंगटन: अमेरिकी एविएशन रेगुलेटर एफएए (FAA) ने बोइंग 737 मैक्स के सैकड़ों विमानों की जांच का अनिवार्य आदेश जारी किया है। गुरुवार को जारी किया गया यह अंतिम नियम आगामी 10 सितंबर से पूरी तरह लागू होगा। यह नया नियम 737-8, 737-9 और 737-8200 मॉडल के चुनिंदा विशेष विमानों पर लागू किया गया है। रेगुलेटर के मुताबिक, इस आदेश से कुल 471 विमान सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
मैक्स मॉडल में अब तक नहीं मिला कोई क्रैक
नियामक संस्था ने स्पष्ट किया है कि यह सख्त कदम पिछली रिपोर्टों में सामने आई असुरक्षित स्थिति का समय रहते समाधान करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, अब तक इन मैक्स मॉडलों के किसी भी हिस्से में कोई क्रैक या दरार देखने को नहीं मिली है। लेकिन पिछले साल नवंबर में इस प्रस्ताव को पेश करते समय बताया गया था कि कई पुराने नेक्स्ट-जेनरेशन (Next-Gen) 737 विमानों के बेयर स्ट्रैप में दरारें पाई गई थीं। बता दें कि बेयर स्ट्रैप धातु (मेटल) की वे चादरें होती हैं जो विमान के दरवाजों और इमरजेंसी एग्जिट को अंदर से मजबूती प्रदान करती हैं। रेगुलेटर का मानना है कि मैक्स जेट विमानों का डिजाइन भी पुराने मॉडलों के काफी हद तक समान है, इसलिए आशंका है कि उनमें भी भविष्य में वैसी ही दरारें आ सकती हैं।
विमान निर्माता कंपनी ने पहले ही कर ली थी पहचान
इस पूरे मामले पर विमान निर्माता कंपनी बोइंग का कहना है कि उसने इस संभावित समस्या की पहचान बहुत पहले ही कर ली थी। कंपनी के अनुसार, वे पिछले 6 वर्षों से लगातार विमान ऑपरेटरों के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं। कंपनी ने साल 2019 में ही प्रभावित नेक्स्ट-जेनरेशन 737 विमानों के लिए इंस्पेक्शन निर्देश जारी कर दिए थे, जिसे बाद में एफएए (FAA) द्वारा साल 2021 में अनिवार्य कर दिया गया था।








