5000 वनडे का ऐतिहासिक पड़ाव, सचिन-अकरम-वास से रोहित-कोहली तक इन दिग्गजों ने रचा इतिहास

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पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एकदिवसीय प्रारूप ने एक अनूठा इतिहास रच दिया है, जिसके तहत अब तक कुल 5000 मुकाबले खेले जा चुके हैं। हाल ही में स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेले गए मैच के साथ ही इस प्रारूप ने यह शानदार उपलब्धि हासिल कर ली है। जनवरी 1971 में अपनी शुरुआत के बाद से पिछले 55 वर्षों में इस खेल ने कई बड़े बदलाव देखे हैं। हालांकि शुरुआती दौर में इसके अस्तित्व को लेकर कई सवाल उठाए गए थे और कुछ पूर्व दिग्गजों ने इसे सुस्त बताते हुए बंद करने की मांग भी की थी, लेकिन तमाम बाधाओं को पार करते हुए यह प्रारूप आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना हुआ है।

टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत एकदिवसीय से लगभग 94 वर्ष पहले हुई थी, जिसका पहला मुकाबला 1877 में खेला गया था, जबकि टी20 का आगाज 2005 में हुआ था। गौर करने वाली बात यह है कि टेस्ट क्रिकेट अभी तक 3000 मैचों के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है, जबकि टी20 प्रारूप ने 4000 मैचों का आंकड़ा पार कर लिया है। आइए इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से एकदिवसीय क्रिकेट के तमाम रोचक आंकड़े, सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाली टीमों, सर्वाधिक जीत दर्ज करने वाले देशों और व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. शुरुआती 1000 मैच पूरे होने में लगे थे 24 साल

इस पूरे सफर को 1000-1000 मैचों के पांच अलग-अलग चरणों में बांटकर देखने से खेल में आए बदलावों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाती है। पहला 1000 एकदिवसीय मैच खेलने में पूरे 24 साल का समय लगा था। इसका हजारवां मुकाबला 1995 में नॉटिंघम के मैदान पर इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच आयोजित हुआ था, जो रिजर्व डे तक खिंच गया था। इसके बाद के 31 वर्षों में 4000 और नए मुकाबले जोड़े गए।

अगला 1000 मैचों का दौर महज आठ साल में ही पूरा हो गया, जो पहले चरण में लगे समय के एक-तिहाई से भी कम था। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आगमन के बावजूद एकदिवसीय मैचों की संख्या में तुरंत कोई कमी नहीं आई। वर्ष 2007 में कुल 191 मैच खेले गए थे, जो एक साल में सबसे ज्यादा मुकाबलों का पुराना रिकॉर्ड था। हालांकि, 2023 के विश्व कप वर्ष में यह रिकॉर्ड टूट गया जब एक साल के भीतर 218 मुकाबले खेले गए।

वहीं, पांचवें चरण के 1000 मैच पूरे होने में 3065 दिन का लंबा वक्त लगा। वर्ष 2020 के दौरान कोरोना महामारी के कारण लगे ब्रेक, टी20 लीगों की बढ़ती संख्या और द्विपक्षीय सीरीज के प्रारूप छोटे होने जैसे कारणों ने इस प्रारूप को प्रभावित किया है।

2. लगातार तेज हुआ रन बनाने का सिलसिला

शुरुआती 1000 मुकाबलों के दौरान पहली पारी का औसत स्कोर मात्र 213.9 रन हुआ करता था। दूसरे चरण में यह बढ़कर 232.62, तीसरे में 240.4 और चौथे चरण में 250.67 रन तक पहुंच गया। हालांकि पांचवें चरण में इसमें मामूली सी गिरावट आई और औसत पहली पारी का स्कोर 249.97 रन दर्ज किया गया।

मैचों का दौरऔसत पहली पारी स्कोरविजेता टीम का औसत स्कोर
पहला चरण (1 से 1000)213.90240.16
दूसरा चरण (1001 से 2000)232.62262.51
तीसरा चरण (2001 से 3000)240.43279.74
चौथा चरण (3001 से 4000)250.68287.03
पांचवां चरण (4001 से 5000)249.97289.38

विशेष नोट: इस आंकड़े में केवल उन पारियों को शामिल किया गया है जिनमें ओवरों की संख्या में कोई कटौती नहीं की गई थी।

3. बड़े स्कोर और छक्कों की बरसात में भारी इजाफा

हाल के 1000 मैचों के दौरान बड़े स्कोर बनने की प्रवृत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस समयावधि में 300 या उससे अधिक रन के कुल 321 स्कोर बने। इनमें से 86 बार स्कोर 350 से ज्यादा का रहा, जबकि 14 मुकाबलों में टीमों ने 400 रन का जादुई आंकड़ा भी पार किया। इसके मुकाबले शुरुआती 3000 मैचों में 300+ के केवल 360 स्कोर बने थे।

लक्ष्य का पीछा करते हुए भी टीमों ने ऐतिहासिक पारियां खेली हैं। पिछले 1000 मुकाबलों में चेज करने वाली टीमों ने 90 बार 300 या उससे ज्यादा रन बनाए, जिसमें से 44 बार यह लक्ष्य हासिल करने में सफलता मिली।

मैचों का दौरअवधिकुल मैचप्रति 1000 मैच छक्के
पहला दौर1971-19951-10002729+
दूसरा दौर1995-20031001-20004279+
तीसरा दौर2003-20102001-30005523
चौथा दौर2010-20183001-40007350
पांचवां दौर2018-20264001-49989274

विशेष नोट: (+) का अर्थ है कि कुछ मैचों की सटीक गिनती उपलब्ध नहीं है।

4. अधिक रन, तेज गति और विकेट लेने की बढ़ती रफ्तार

शुरुआती दौर के मुकाबले हालिया वर्षों में बल्लेबाजों का दबदबा काफी बढ़ गया है। शुरुआती 1000 मैचों में जहां कुल 2729+ छक्के लगे थे, वहीं अंतिम चरण में यह आंकड़ा बढ़कर 9274 पर पहुंच गया। इस दौरान बल्लेबाजों का औसत और स्ट्राइक रेट भी तेजी से ऊपर उठा है।

गेंदबाजी के मोर्चे पर भी खेल में कई बदलाव आए हैं। हालिया 1000 मुकाबलों में हर 36.8 गेंद पर एक विकेट गिरा, जो सभी चरणों में सबसे बेहतर औसत है। हालांकि रन गति बढ़ने के कारण इकोनॉमी रेट 4.14 से बढ़कर 5.2 रन प्रति ओवर हो गया है।

5. दिग्गजों का सफर: हेंस से लेकर जैम्पा तक

शुरुआती 1000 मैचों में डेसमंड हेंस 8648 रन के साथ सबसे आगे थे, जिन्हें बाद में सचिन तेंदुलकर ने पीछे छोड़ा। गेंदबाजी में वसीम अकरम और मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गजों ने अपने नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज किए। समय के साथ खेल में दोहरे शतकों का दौर भी आया, हालांकि पिछले कुछ समय से इसमें विराम लगा है।

किस टीम ने खेले सबसे ज्यादा मुकाबले और दर्ज की सर्वाधिक जीत

  • ऑस्ट्रेलिया ने कुल 1025 मुकाबलों में से 619 में जीत हासिल की है और वह इस सूची में शीर्ष पर है।

  • भारत ने सर्वाधिक 1081 मैच खेले हैं और 575 जीत के साथ वह दूसरे पायदान पर है।

  • पाकिस्तान ने 1002 मैचों में 529 मुकाबले जीते हैं।

टीम का नामकुल मैचजीतहारटाईबेनतीजासर्वोच्च स्कोरन्यूनतम स्कोर
ऑस्ट्रेलिया102561936293543470
भारत1081575452104441854
पाकिस्तान100252944392139943
श्रीलंका94543646164244343
वेस्टइंडीज904431429123238954

विदेशी सरजमीं पर टीमों का प्रदर्शन

  • भारत ने विदेशी मैदानों पर 695 वनडे खेले हैं जिनमें से 340 मैचों में उसे जीत मिली है।

  • ऑस्ट्रेलिया ने विदेश में 561 मैचों में से 321 मुकाबले अपने नाम किए हैं।

टीम का नाममैचजीतहारटाईबेनतीजासर्वोच्च स्कोरन्यूनतम स्कोर
पाकिस्तान78939537071739943
भारत69534031373541354
ऑस्ट्रेलिया56132121262243470
वेस्टइंडीज60727830182038554
श्रीलंका63125135851744343

घरेलू मैदानों पर टीमों का रिकॉर्ड

  • भारत ने घरेलू धरती पर 386 मैच खेलकर 235 मुकाबलों में जीत दर्ज की है।

  • ऑस्ट्रेलिया ने घर पर सबसे ज्यादा 464 मैच खेले और 298 जीत हासिल कीं।

टीम का नाममैचजीतहारटाईबेनतीजासर्वोच्च स्कोरन्यूनतम स्कोर
ऑस्ट्रेलिया46429815031343170
भारत3862351393941878
न्यूजीलैंड34320411841739373
इंग्लैंड35120012851848186
दक्षिण अफ्रीका2921988239439116

एकदिवसीय विश्व कप में सबसे सफल टीमें

ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व कप इतिहास की सबसे कामयाब टीम रही है जिसने रिकॉर्ड छह बार इस खिताब को अपने नाम किया है।

टीम का नामविश्व कप खिताबजीतने के वर्षउपविजेताकुल फाइनल
ऑस्ट्रेलिया61987, 1999, 2003, 2007, 2015, 202328
भारत21983, 201124
वेस्टइंडीज21975, 197913
इंग्लैंड1201934
पाकिस्तान1199212
श्रीलंका1199623
न्यूजीलैंड022

एक पारी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियां

रोहित शर्मा के नाम एकदिवसीय इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाई थी।

बल्लेबाज का नामरनगेंदचौकेछक्केविरोधी टीमवर्ष
रोहित शर्मा264173339श्रीलंका2014
मार्टिन गप्टिल237*1632411वेस्टइंडीज2015
वीरेंद्र सहवाग219149257वेस्टइंडीज2011
क्रिस गेल2151471016जिम्बाब्वे2015
फखर जमां210*156245जिम्बाब्वे2018

सर्वाधिक विकेट लेने वाले प्रमुख गेंदबाज

रैंकगेंदबाज का नाममैचकुल विकेटसर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन5 विकेट हॉल
1मुथैया मुरलीधरन3505347/3010
2वसीम अकरम3565025/156
3वकार यूनिस2624167/3613
4चामिंडा वास3224008/194
5शाहिद अफरीदी3983957/129

सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष बल्लेबाज

रैंकबल्लेबाज का नाममैचकुल रनसर्वोच्च स्कोरऔसतशतकअर्धशतक
1सचिन तेंदुलकर46318,426200*44.834996
2विराट कोहली31414,94118358.595479
3कुमार संगकारा40414,23416941.982593
4रिकी पोंटिंग37513,70416442.033082
5सनथ जयसूर्या44513,43018932.362868

सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड

रैंकबल्लेबाज का नाममैचशतकों की संख्या
1विराट कोहली31454
2सचिन तेंदुलकर46349
3रोहित शर्मा28834
4रिकी पोंटिंग37530
5सनथ जयसूर्या44528