ममता बनर्जी के काफिले पर हमले की न्यायिक जांच की मांग, TMC ने BJP पर उठाए सवाल

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कोलकाता| पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर रविवार को हुए कथित हमले के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। टीएमसी नेताओं ने इस घटना को एक गहरी राजनीतिक साजिश करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को ममता बनर्जी पार्टी के एक ऐसे कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं, जिसकी हाल ही में पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत हुई थी। इसी दौरान रास्ते में प्रदर्शनकारियों के एक उग्र समूह ने उनके वाहन को घेर लिया।

गाड़ी को घेरा, लगाए नारे और फेंकी चप्पलें

टीएमसी के दावों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी की कार को चारों तरफ से घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। आरोप है कि इस दौरान उनकी गाड़ी पर मिट्टी और चप्पलें भी फेंकी गईं। इस घटना के विरोध में दक्षिण 24 परगना सहित राज्य के कई हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किए।

शत्रुघ्न सिन्हा और अभिषेक बनर्जी के तीखे आरोप

टीएमसी सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी देश की एक बेहद लोकप्रिय जननेत्री हैं और उनके काफिले पर इस तरह का हमला बेहद शर्मनाक व निंदनीय है।

वहीं, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को "राज्य प्रायोजित हमला" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी ताकतों द्वारा चुनी हुई सरकारों और नेताओं को निशाना बनाकर खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी सहयोगी ताकतों पर तीखा हमला बोलते हुए बंगाल की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का आरोप लगाया।

न्यायिक जांच और विधानसभा में विरोध प्रदर्शन

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की हिरासत में हुई मौत के मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश (सिटिंग जज) की देखरेख में न्यायिक जांच होनी चाहिए। साथ ही, ममता बनर्जी के काफिले पर हमला करने वालों की तुरंत पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

इस घटना के विरोध में सोमवार को टीएमसी के विधायकों ने राज्य विधानसभा परिसर में भी जोरदार प्रदर्शन किया और हिरासत में हुई मौत तथा काफिले पर हमले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।