मध्यप्रदेश में तेजी से हो रहा है नई औद्योगिक इकाइयों से युवाओं को रोजगार देने का कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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पीथमपुर/इंदौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के संकल्प को साकार करते हुए मध्य प्रदेश ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में प्रताप ग्रुप द्वारा ₹850 करोड़ के निवेश से स्थापित दो अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों—'कॉर्सिस इंडस्ट्रीज' और 'वोल्टर्स टेक्नोलॉजी' का औपचारिक शुभारंभ किया।

युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करना और अर्थव्यवस्था को मजबूती देना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जर्मन तकनीक के सहयोग से शुरू हुई ये इकाइयां अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्पादन क्षमता का केंद्र बनेंगी। इनसे युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को सरकार प्रति श्रमिक ₹5,000 तक की सहायता राशि के साथ बिजली, पानी और बुनियादी ढांचा उपलब्ध करा रही है।

ग्रीन एनर्जी और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इन इकाइयों को भारत के तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला में भारत का कद लगातार बढ़ रहा है। पीथमपुर में स्थापित यह बैटरी स्टोरेज प्लांट देश की बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) आवश्यकताओं को पूरा करेगा, जबकि ऑप्टिकल फाइबर इकाई डिजिटल कनेक्टिविटी और 5G नेटवर्क जैसी संचार अवसंरचना को नई मजबूती प्रदान करेगी।

प्रकल्प की प्रमुख विशेषताएं और उत्पादन क्षमता

कार्यक्रम के दौरान प्रताप ग्रुप के चेयरमैन देवेंद्र सिंह शेखावत ने दोनों औद्योगिक इकाइयों की तकनीकी क्षमताओं की जानकारी दी:

  • कॉर्सिस इंडस्ट्रीज: प्लॉट नंबर 98 पर लगभग 8,067 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित इस ऑप्टिकल फाइबर प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर है। इसका उपयोग ब्रॉडबैंड, 5G नेटवर्क, डेटा सेंटर और रक्षा संचार में होगा। इससे करीब 300 लोगों को रोजगार मिलेगा।

  • वोल्टर्स टेक्नोलॉजी: लगभग 20,505 वर्ग मीटर में फैले इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 3 GWh है। इंडस्ट्री 4.0 आधारित स्वचालन और रोबोटिक असेंबली लाइन से लैस यह इकाई क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन में अहम भूमिका निभाएगी और लगभग 250 नए रोजगार के अवसर पैदा करेगी।

इस अवसर पर विधायक नीना वर्मा, प्रताप ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर शक्ति सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।