दिल्ली (जंतर-मंतर): जाति-आधारित आरक्षण खत्म करने और इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को दिनभर चली नारेबाजी के बाद देर शाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया, जिसके बाद शनिवार तड़के बापू समाधि (राजघाट) के पास एकत्रित हुए कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
लाठीचार्ज का आरोप और पुलिस का इनकार प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और लाठीचार्ज करके उन्हें वहां से खदेड़ दिया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पुलिस का रुख और सुरक्षा व्यवस्था पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने इस आयोजन के लिए पहले से कोई आधिकारिक अनुमति (Permission) नहीं ली थी। जंतर-मंतर पर एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्य बिंदु:
प्रदर्शन का मुख्य कारण: जाति-आधारित आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक स्थिति को आरक्षण का आधार बनाने की मांग।
शामिल प्रमुख संगठन: अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और करणी सभा समेत कई सामाजिक व धार्मिक संगठन।
वर्तमान स्थिति: जंतर-मंतर पर पुलिस की कड़ी व्यवस्था है, जबकि राजघाट के पास एकत्र हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।








