पुलिस के चार पैर वाले हीरो को मिलेगा रिटायरमेंट के बाद हक, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

0
14

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस बल में वर्षों तक सेवा देने वाले पुलिस डॉग्स (श्वानों) के कल्याण के लिए एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत अब पुलिस डॉग्स अपनी 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्ति के बाद भी पुलिस बल और अपने परिचित हैंडलर के साथ ही रह सकेंगे।

सेवानिवृत्ति के बाद नहीं होगी विदाई

आमतौर पर एक दशक की सक्रिय सेवा के बाद पुलिस डॉग्स सेवानिवृत्त हो जाते हैं। पूर्व व्यवस्था में ऐसे श्वानों को अक्सर अन्य स्थानों पर गोद दे दिया जाता था, जिसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता था और कई बार वे तनाव के कारण भोजन तक त्याग देते थे। नई व्यवस्था से उन्हें इस मानसिक आघात से बचाया जा सकेगा।

भोजन और देखभाल का पूरा खर्च उठाएगा गृह विभाग

सेवानिवृत्ति के बाद इन श्वानों के खान-पान और अन्य सभी मेडिकल व दैनिक जरूरतों से जुड़ा पूरा खर्च राज्य का गृह विभाग वहन करेगा। इससे उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित होगी और पुलिस इकाइयों पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ेगा।

हैंडलर के साथ बना रहेगा भावनात्मक जुड़ाव

प्रशिक्षण और लंबी ड्यूटी के दौरान पुलिस श्वानों और उनके हैंडलर्स के बीच एक मजबूत भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। अपने पुराने और परिचित वातावरण में रहने से अचानक होने वाले अलगाव का तनाव कम होगा और वे सुकून भरा जीवन जी सकेंगे।

बेजुबान साथियों के सम्मानजनक जीवन पर जोर

मुख्यमंत्री के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग में वर्षों तक निष्ठा से योगदान देने वाले इन वफादार साथियों की जिम्मेदारी सेवा समाप्ति के बाद भी खत्म नहीं होती, बल्कि उन्हें सुरक्षित और आरामदायक जीवन देना प्रशासन की प्राथमिकता है।