दो भाइयों की हत्या से दहला गाजीपुर, 9 साल की बहन ने बताई पूरी कहानी

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गाजीपुर। जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र के झमका बेलहरी गांव की रहने वाली पूजा राजभर द्वारा अपने ही बच्चों की हत्या के मामले में एक डरावना सच सामने आया है। मृत बच्चों की नौ वर्षीय बहन प्रतिभा अपनी मां की इस खौफनाक करतूत को देखकर बुरी तरह सहमी हुई थी। खौफ के मारे वह रात में घर के बाहर बरामदे में जाकर दादा-दादी के पास सो गई, लेकिन डर के कारण वह किसी को कुछ बता नहीं सकी।

परिवार का हाल और मासूमों की चीख-पुकार

लालजी राजभर के तीन बेटे—बिरजू, सूरज और अर्जुन—काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। बिरजू मुंबई और सूरज गुजरात में अपने परिवारों के साथ निवास करते हैं, जबकि अर्जुन का परिवार गांव में ही रहता था। अर्जुन की शादी वर्ष 2006 में पूजा राजभर से हुई थी। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि पूजा ऐसा जघन्य कदम उठा लेगी। घटना की जानकारी मिलते ही घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और ग्रामीणों का कलेजा भी दहल गया।

एसपी का बयान: डर के साए में थी बच्ची और खाने में जहर की आशंका

पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. ईरज राजा ने बताया कि नौ वर्षीय प्रतिभा ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने अपनी मां पूजा राजभर को दोनों भाइयों की हत्या करते हुए देख लिया था। वह इस खौफ से इतनी डर गई थी कि वह दादा-दादी को भी कुछ नहीं बता पाई। प्रतिभा ने यह भी बताया कि खाने में कोई जहरीला पदार्थ मिला हुआ था, जिसे खाने के बाद उसे उल्टी हो गई थी, जबकि दोनों भाइयों ने भी वही भोजन लिया था।

वारदात के बाद आरोपी मां ने खुद भी दूसरे कमरे में छत के पंखे से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का नाटक और प्रयास किया था। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है और फॉरेंसिक टीम ने खाने के नमूने, फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं।

हत्यारोपी मां के चेहरे पर नहीं दिखा कोई पछतावा

पुलिस की पूछताछ के दौरान हत्यारोपी मां पूजा राजभर के चेहरे पर अपने ही बच्चों की हत्या का कोई अफसोस या पछतावा नजर नहीं आया। वह बरामदे में खटिया पर बैठकर पुलिस के हर सवाल का बेबाकी से जवाब दे रही थी, और उसकी आंखों में आंसू का एक कतरा तक नहीं था। कमरे की छानबीन में यह भी सामने आया कि फर्श पर दोनों बच्चों की तस्वीरें रखी थीं और वहां अगरबत्ती जलाई गई थी, जिसे लेकर पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है।