जयपुर। नमो भारत रेल कॉरिडोर के तहत दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर (RRTS) के बावल से बहरोड़ खंड के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को शासन सचिवालय में पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर बैठक आयोजित हुई। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य सचिव श्रीनिवास ने संबंधित विभागों के मध्य समन्वय के साथ परियोजना की पूरक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Supplementary DPR) को अनुमोदन के लिए संबंधित विभागों को शीघ्र भिजवाने तथा सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर राज्य सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को जल्द भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में बताया गया कि सराय काले खां से बहरोड़ तक प्रस्तावित रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 129.05 किलोमीटर है, जिसमें राजस्थान में 25.16 किलोमीटर हिस्सा होगा। राजस्थान में शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड़, शाहजहांपुर, नीमराणा एवं बहरोड़ सहित चार एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं।
बावल-बहरोड़ खंड की अनुमानित लागत 7,747 करोड़ रुपये है। इसमें 5,167.28 करोड़ रुपये मूल लागत, लगभग 640 करोड़ रुपये भूमि लागत तथा 1,861 करोड़ रुपये उद्यम निधि शामिल है। बैठक में परियोजना की वित्तपोषण व्यवस्था, व्यय की चरणबद्धता तथा राज्य सरकार के वित्तीय दायित्वों पर भी चर्चा की गई। परियोजना के संसाधन जुटाने के लिए आवश्यकता के संबंध में जिला कलक्टर, कोटपूतली-बहरोड़ एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बीडा को भी निर्देश दिए गए। साथ ही राजस्थान-हरियाणा के मध्य बावल से राजस्थान सीमा तक की लागत दोनों राज्यों द्वारा वहन किए जाने तथा हरियाणा सरकार से प्राप्त समझौता ज्ञापन के निष्पादन पर भी चर्चा हुई। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त, वित्त (राजस्व) विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।









