राम मंदिर ट्रस्ट में हुआ बड़ा बदलाव, तीन नए सदस्यों को मिली जिम्मेदारी

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक बुधवार को मणिरामदास छावनी में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में दो चरणों में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति, ट्रस्ट डीड व नियमावली में संशोधन और पूर्व पदाधिकारियों की संभावित वापसी जैसे महत्वपूर्ण विषय रहे।

पहले सीईओ के चयन पर मंथन: राजेश पांडेय सबसे आगे

राम मंदिर के प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए पहले सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है:

  • सर्च कमेटी की रिपोर्ट: तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है, जिसमें तीन नामों का पैनल प्रस्तावित किया गया है।

  • राजेश पांडेय की मजबूत दावेदारी: पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सीईओ पद के लिए सबसे प्रमुख माना जा रहा है। पुलिस सेवा के लंबे प्रशासनिक व सुरक्षा अनुभव के साथ-साथ उनके पास लखनऊ के अलीगंज स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर ट्रस्ट के सचिव के रूप में मंदिर प्रबंधन का सीधा अनुभव भी है।

  • सीईओ की जिम्मेदारियां: नया सीईओ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के प्रबंधन, सुरक्षा प्रोटोकॉल, सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय, वीआईपी दर्शन व्यवस्था और निर्माणाधीन परियोजनाओं के संचालन का जिम्मा संभालेगा।

चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की वापसी पर निगाहें

बैठक में पूर्व पदाधिकारियों के भविष्य को लेकर भी गहन विचार-विमर्श की संभावना है:

  • इस्तीफे की पृष्ठभूमि: चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

  • संभावित वापसी की चर्चा: हालिया दिनों में दोनों की बढ़ती सामाजिक सक्रियता और जांच में चंपत राय को राहत मिलने की सूचनाओं के बाद ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर कयास तेज हो गए हैं, जिस पर अंतिम निर्णय बैठक में लिया जाएगा।

ट्रस्ट डीड में संशोधन और संघ-विहिप की मौजूदगी

बैठक में प्रशासनिक और संगठनात्मक सुधारों पर भी विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है:

  • नियमावली में संशोधन: ट्रस्ट की डीड और न्यास नियमावली में आवश्यक बदलावों के प्रस्ताव पर मंथन किया जा रहा है।

  • शीर्ष पदाधिकारियों की सहभागिता: बैठक में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, विहिप संरक्षक दिनेश चंद्र, विहिप महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा, कमलनयन दास, समीर पांडा, जगदीश आफले और राज गोपाल मिनियार सहित कई प्रमुख सदस्य प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

  • समन्वय बैठक: औपचारिक बैठक से पूर्व संघ और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं ने ट्रस्ट पदाधिकारियों से बंद कमरे में वार्ता कर आगामी योजनाओं और रूपरेखा पर विमर्श किया।