जिस मां की गोद में पला, उसी की छीन ली सांसें; बेटे ने रची लूट की झूठी कहानी

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कानपुर: केशवपुरम क्षेत्र में 58 वर्षीय उमा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या का रहस्य सुलझ गया है। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि इस वारदात को किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि उमा के बड़े बेटे अमरीश ने ही अंजाम दिया था। पुलिस को आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हासिल हुए हैं, हालांकि लूट के कथित आभूषणों की बरामदगी हेतु प्रयास जारी हैं।

मां-बेटे के बीच विवाद बना हत्या का कारण

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमरीश का अपनी मां उमा के साथ अक्सर विवाद होता रहता था। उमा अपनी बहु नेहा (जो पिछले तीन वर्षों से पारिवारिक अनबन के कारण गोविंदनगर स्थित अपने मायके में रह रही थी) से बेटे की बातचीत का विरोध करती थीं। वारदात वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद आवेश में आकर अमरीश ने अपनी मां का गला घोंटकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

बयानों के विरोधाभास और पुलिस की कार्रवाई

  • सूचना में देरी: मंगलवार शाम 7 बजे घटना की जानकारी मिलने के बावजूद परिजनों ने पुलिस को रात 10 बजे के करीब सूचित किया।

  • संदेहास्पद आचरण: अमरीश दोपहर 1 बजे वारदात को अंजाम देने के बाद शाम 6 बजे अपनी चाची के घर चाय पीने पहुंचा, ताकि यह जान सके कि किसी को हत्या की भनक लगी है या नहीं।

  • हिरासत में पूछताछ: पुलिस ने अमरीश, उसकी पत्नी नेहा और उनके एक करीबी को हिरासत में लिया है। अमरीश बार-बार आभूषणों के स्थान को लेकर बयान बदल रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर लिए गए हैं। आभूषणों की बरामदगी प्रक्रिया पूरी होते ही मामले का औपचारिक रूप से पटाक्षेप कर दिया जाएगा।