मोदी के बाद कौन? संजय राउत ने फडणवीस का नाम लेकर बढ़ाई सियासी हलचल

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मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार की राजनीति और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक बड़ा दावा किया है। राउत का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में जल्द बड़ा फेरबदल हो सकता है, जिसके तहत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाकर देश का उप-प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में अंदरूनी खींचतान के कारण फेरबदल का काम अटका हुआ है। हालांकि, सत्तारूढ़ भाजपा या एनडीए की ओर से इन दावों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

‘देवेंद्र फडणवीस बन सकते हैं उप-प्रधानमंत्री’ – संजय राउत

संजय राउत ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) दिल्ली से बाहर के किसी प्रभावकारी नेता को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी देने के पक्ष में है। संजय राउत के अनुसार, संघ की मंशा पीएम मोदी के उत्तराधिकारी के तौर पर एक नया चेहरा आगे लाने की है। उन्होंने कहा कि आरएसएस दिल्ली से बाहर के किसी नेता को उप-प्रधानमंत्री बनाना चाहता है और वह चेहरा देवेंद्र फडणवीस हो सकते हैं। राउत ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि अगर फडणवीस को इस राजनीतिक हलचल की जानकारी नहीं है, तो वे खुद उन्हें इसकी सूचना दे रहे हैं।

‘अमित शाह बनना चाहते हैं पीएम, लेकिन इतिहास इसकी गवाही नहीं देता’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सियासी भविष्य पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा कि अमित शाह भले ही प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखते हों, लेकिन देश का राजनीतिक इतिहास इसके खिलाफ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश में आज तक कोई भी गृह मंत्री सीधे प्रधानमंत्री पद तक नहीं पहुंचा है। सरदार वल्लभभाई पटेल भी देश के गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री ही बने थे। राउत ने कहा कि अमित शाह भले ही खुद को ‘पीएम इन वेटिंग’ मानते हों, लेकिन जनता उन्हें इस रूप में स्वीकार नहीं करती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनाथ सिंह का नाम भी चर्चाओं में है, लेकिन वहां भी अनिश्चितता का माहौल है।

‘वरिष्ठ मंत्रियों की शर्त: पहले अमित शाह दें इस्तीफा, फिर हम देंगे’

मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और फेरबदल पर संजय राउत ने केंद्र सरकार के भीतर बड़े गतिरोध का दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ वरिष्ठ मंत्रियों से पद छोड़ने को कह रही है, लेकिन वे मंत्री इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं। राउत के मुताबिक, इन वरिष्ठ मंत्रियों का रुख है कि अगर फेरबदल करना ही है, तो सबसे पहले गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा लिया जाए। अगर अमित शाह पद छोड़ते हैं, तभी वे भी अपना इस्तीफा सौंपेंगे, वरना प्रधानमंत्री अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं।

उप-प्रधानमंत्री पद की मांग के कारण अटका मंत्रिमंडल विस्तार

उद्धव ठाकरे के रणनीतिकार माने जाने वाले संजय राउत ने कहा कि संघ द्वारा उप-प्रधानमंत्री बनाए जाने के दबाव और मंत्रियों के इस्तीफे को लेकर जारी खींचतान के कारण ही मोदी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ वरिष्ठ मंत्री अमित शाह से भी ज्यादा समय से सत्ता में हैं और वे गृह मंत्री के इस्तीफे से ही फेरबदल की शुरुआत चाहते हैं। राउत ने कहा कि देश में फिलहाल पीएम और गृह मंत्री पद को लेकर असमंजस की स्थिति है और फडणवीस को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी होनी चाहिए। संजय राउत के इस बयान के बाद महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।