इंदौर। इंदौरवासियों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। सुपर कॉरिडोर से लेकर रेडिसन चौराहे तक इंदौर मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शनिवार, 5 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। अब शहरवासी गांधी नगर से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन तक येलो लाइन पर नियमित रूप से मेट्रो का सफर कर सकेंगे।
केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही इंदौर के एक बड़े हिस्से को अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवा की सौगात मिल जाएगी।
16 स्टेशनों पर मिलेगी सेवा, हर 15 मिनट में चलेगी ट्रेन
इंदौर मेट्रो अब गांधी नगर से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन के बीच कुल 16 स्टेशनों को कवर करते हुए चलेगी।
सुचारू संचालन की तैयारी: लंबे समय से बनकर तैयार इन सभी 16 स्टेशनों पर टिकट काउंटरों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है और तकनीकी टीमें मुस्तैद हैं। बीते दो दिनों से ट्रेनों को तय रफ्तार पर चलाकर अंतिम परीक्षण (टेस्टिंग) भी पूरा कर लिया गया है।
किराया और टिकट व्यवस्था: यात्रियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड (QR Code) आधारित टिकट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था की गई है। गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहे तक का अधिकतम किराया 80 रुपये तय किया गया है। हर 15 मिनट के अंतराल पर यात्रियों को मेट्रो उपलब्ध होगी।
परीक्षणों के लंबे दौर के बाद मिला कमर्शियल रन को हरी झंडी
इंदौर मेट्रो में पहली बार 30 मई 2025 को सुपर कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर के सीमित हिस्से में यात्री सफर शुरू हुआ था। इसके बाद 9 अक्टूबर 2025 को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक ट्रायल रन किया गया।
27 मार्च 2026 को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) से कमर्शियल रन की अंतिम मंजूरी मिली थी। हालांकि पूर्व में 18 जून 2026 से व्यावसायिक संचालन शुरू करने की योजना थी, लेकिन औपचारिक तैयारियों के चलते कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। अब 5 सितंबर से इस लंबे रूट पर नियमित सेवा शुरू की जा रही है।
खजराना से रीगल के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो की तैयारी शुरू
मेट्रो परियोजना का विस्तार सिर्फ एलिवेटेड रूट तक सीमित नहीं है। खजराना से रीगल चौराहे तक के हिस्से को अब भूमिगत (अंडरग्राउंड) बनाने की योजना पर काम तेज हो गया है। पूर्व में इस हिस्से को एलिवेटेड रखा गया था, लेकिन व्यावहारिक पहलुओं को देखते हुए इसे अंडरग्राउंड करने का फैसला लिया गया है।
इसके लिए एमजी रोड और बंगाली से पलासिया के बीच विभिन्न स्थानों पर सॉइल टेस्टिंग (मिट्टी और जमीन की मजबूती की जांच) और पाइलिंग का काम जारी है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही भूमिगत स्टेशनों के डिजाइन और निर्माण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस भूमिगत चरण के निर्माण के लिए नई निर्माण एजेंसी का चयन प्रक्रियाधीन है।









