लखनऊ: लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेस में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षकों को समाज का मार्गदर्शक और भविष्य का निर्माता बताया। इस दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि राज्य में लगभग 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं और आश्वासन दिया कि सत्ता में वापस आने पर इन सभी स्कूलों को पुनः शुरू किया जाएगा।
गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को दी जाएगी मुक्ति
पूर्व मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका और उनकी चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए:
भविष्य के निर्माण में भूमिका: अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे शिक्षक ही समाज को दिशा देते हैं और भावी पीढ़ी का निर्माण करते हैं।
पढ़ाई पर ध्यान: उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में शिक्षकों को पठन-पाठन के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं सौंपा जाएगा, ताकि वे पूरी निष्ठा से शिक्षा के स्तर को सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
मुकदमे दर्ज करने पर आपत्ति: उन्होंने आरोप लगाया कि जर्जर स्कूली भवनों के चित्र या वीडियो सार्वजनिक करने पर प्राथमिकियां दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में कभी शिक्षा और शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर इस प्रकार की कानूनी कार्रवाइयां देखने को नहीं मिलीं।
तकनीक और डिजिटल शिक्षा के योगदान का उल्लेख
कार्यक्रम में अपनी पूर्ववर्ती सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा:
लैपटॉप वितरण: सपा सरकार के दौरान विद्यार्थियों को बांटे गए लैपटॉप ने बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया और उनकी पढ़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हुए।
वैचारिक हमला: उन्होंने संघ से जुड़े संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे समाज और शिक्षा व्यवस्था को एक ही रंग में ढालने का प्रयास कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने शिक्षा और तकनीक के विकास हेतु अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को रेखांकित किया।









