जॉब का झांसा देकर युवक से 2.73 लाख की ठगी, फर्जी इंटरव्यू और सर्टिफिकेट से बनाया शिकार

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इंदौर: इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे एक शिक्षित युवक को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाकर 2.73 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित युवक ने वर्ष 2025 से जारी अपनी नौकरी की तलाश के दौरान एक प्रतिष्ठित जॉब पोर्टल पर अपना बायोडाटा (रिज्यूमे) अपलोड किया था। इसके कुछ समय बाद खुद को मुंबई की 'केएनके बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी का भर्ती अधिकारी (टैलेंट एक्विजिशन स्पेशलिस्ट) बताने वाले सिद्धार्थ नाम के व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और एक फर्जी भर्ती प्रक्रिया का जाल बुना।

इंटरव्यू और फर्जी ऑफर लेटर के जरिए बिछाया गया झांसे का जाल

आरोपी ने पहले मोबाइल पर युवक का काल्पनिक इंटरव्यू लिया और फिर कंपनी के लेटरहेड पर एक नकली ऑफर लेटर ईमेल के माध्यम से भेज दिया। पीड़ित को अपनी नियुक्ति का पूरा विश्वास हो गया। इसके बाद कथित अधिकारी ने तीन अनिवार्य सर्टिफिकेट कोर्स कराने के एवज में 70 हजार रुपये जमा कराए और कंपनी की आधिकारिक दिखने वाली आईडी से ईमेल और एनरोलमेंट नंबर जारी कर दिया, जिससे युवक का भरोसा पूरी तरह पक्का हो गया।

विभिन्न चरणों में ऐंठी गई 2.73 लाख की मोटी रकम

इसके उपरांत शातिर ठग ने तीनों कोर्स पूरे कराने का कुल खर्च लगभग 1.5 लाख रुपये बताकर पूरी रकम निर्धारित बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली। प्रक्रिया को प्रामाणिक दिखाने के लिए युवक की ऑनलाइन परीक्षा भी आयोजित की गई और एक नया एनरोलमेंट नंबर जारी किया गया। बाद में अतिरिक्त एडवांस कोर्स के नाम पर 53 हजार रुपये और जमा करवा लिए गए। इस प्रकार साइबर अपराधियों ने किस्तों में कुल 2,73,000 रुपये ऐंठ लिए।

जॉइनिंग न मिलने और संपर्क टूटने पर खुली धोखाधड़ी की पोल

तमाम औपचारिकताएं और पैसे जमा करने के बाद जब जॉइनिंग की तारीख पास आई और कंपनी की ओर से कोई जॉइनिंग लेटर नहीं मिला, तो युवक ने दिए गए संपर्क नंबरों और ईमेल पर संपर्क साधा। शुरुआत में रकम वापसी का झूठा आश्वासन दिया गया, लेकिन जल्द ही आरोपियों ने फोन उठाना और संदेशों के उत्तर देना बंद कर दिया।

साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज, लसूड़िया पुलिस ने दर्ज किया मामला

ठगी का आभास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच के बाद लसूड़िया पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक तथा संबंधित तीन से अधिक बैंक खाताधारकों के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), बैंक खातों की जानकारी और ईमेल हेडर के आधार पर आरोपियों की पतासाजी में जुटी है।