जिनपिंग के भारत पहुंचने से पहले चीन का बड़ा संदेश, कहा- दोस्ती और सहयोग बढ़ाएंगे

0
8

नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत रवाना होने के साथ ही दोनों देशों के राजनयिक संबंधों को लेकर बीजिंग की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली संभावित द्विपक्षीय बैठक से पहले चीन ने भारत के साथ संवाद और सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है।

चीन के राजदूत का बड़ा बयान

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को उचित तरीके से संभालते हुए अच्छे पड़ोसी और मित्र के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को किसी अल्पकालिक घटना के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहता है। अधिकारी इस समय दोनों शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

'मतभेद हैं, लेकिन बातचीत बंद न हो'

चीनी राजदूत ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर असहमतियां या मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें रिश्तों में ऐसी बाधा नहीं बनने देना चाहिए जिससे संवाद का सिलसिला ही थम जाए। बीजिंग का यह रुख साफ करता है कि नेतृत्व के स्तर पर बनी रणनीतिक सोच के मुताबिक आपसी बातचीत को निरंतर जारी रखा जाना चाहिए और नए सहयोग के क्षेत्रों की तलाश की जानी चाहिए।

चीनी विदेश मंत्रालय ने भी दोहराया रुख

बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी इसी रुख को दोहराते हुए कहा कि उनका देश भारत के साथ हर स्तर पर संवाद बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत और चीन को एक-दूसरे की विकास यात्रा और सफलता में मददगार साझेदार बनना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को भी मजबूती मिल सके।