जयपुर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की बैठक ली तथा विभाग द्वारा संचालित राज्य निधि एवं केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित बजट घोषणाओं, राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने पीएम जनमन योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने धरती आबा योजना के तहत सेंटर ऑफ कॉम्पेटेंस संबंधी निविदा जारी करने में आचार संहिता के कारण आ रही बाधाओं के निराकरण के लिए आवश्यक शिथिलन का प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही, कार्यकारी एजेंसियों को कार्यों की तकनीकी स्वीकृतियां तथा बकाया उपयोगिता प्रमाण-पत्र अविलंब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पीएम-जनमन योजना अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों में संबंधित विभागों आईसीडीएस, टीएडी, पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण विकास, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग द्वारा मार्च 2027 तक लक्ष्य अनुसार उपलब्धि अर्जित करने के लिये निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रगतिरत एवं प्रक्रिया आरंभ बजट घोषणाओं को पूर्ण करने हेतु विभागीय स्तर पर त्वरित कार्यवाही की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पक्के मकान, स्वच्छ पेयजल, सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी एवं पोषणयुक्त आहार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को लक्ष्य के अनुसार पाइप लाइन एवं जल आपूर्ति मुहैया कराने में हो रहे विलंब के संबंध में विभागीय स्तर पर विस्तृत समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में खाद्यान्न आपूर्ति के लिए परिवहन संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं टीएडी विभाग आप वापसी समन्वय से कार्य करें।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों में क्रमशः 128 एवं 212 पद रिक्त हैं, जो शिक्षा विभाग की कैडर स्ट्रेंथ में भी शामिल है। उन्होंने रिक्त पदों पर अक्टूबर 2026 तक प्रतिनियुक्त करने के लिए शिक्षा विभाग को कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत जारी किए गए अधिकार पत्रों में से जमाबंदी में इंद्राज करने से शेष रहे 11 हजार अधिकार पत्रों का अंकन कर शत-प्रतिशत इंद्राज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फार्मस आईडी जनरेशन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग श्री कुंजी लाल मीणा ने विभागीय योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश के समस्त राजकीय, अनुदानित एवं निजी जनसहभागिता योजनान्तर्गत संचालित आवासीय संस्थानों में वंचित वर्गों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के लिए मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही आंगनबाड़ी, आशा एवं मां-बाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मानदेय कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि के आदेश भी जारी किए गए हैं।
श्री मीणा ने बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं जनसेवा सुधार की पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वनों में निवासरत जनजातीय परिवारों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पत्र जारी करने के लिए 6 अगस्त से 15 सितम्बर तक वनाधिकार अभियान-2026 संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सहरिया परिवारों के घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। चिकित्सा विभाग द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 5 हजार 564 कैम्प आयोजित कर 2 लाख 96 हजार 608 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है। वहीं 51 वनधन केन्द्रों तथा 51 आंगनबाड़ी केन्द्रों का गठन कर उनका संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 23 हजार 699 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 23 हजार 362 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 21 हजार 720 लाभार्थियों को प्रथम किश्त, 18 हजार 523 को द्वितीय किश्त तथा 15 हजार 56 को तृतीय किश्त जारी की जा चुकी है। योजना के तहत स्वीकृत 32 सम्पर्क सड़कों में से 22 सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं।
इसी प्रकार बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत बारां जिले में निवासरत सहरिया, खैरवा तथा कथौड़ी जनजाति के 36 हजार 577 परिवारों को प्रतिमाह घी, तेल एवं दाल वितरण के स्थान पर डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। उन्होंने बैठक में विभाग द्वारा शुरू किये गए हॉस्टल एण्ड स्कीम मॉनिटरिंग सिस्टम, मां बाड़ी मोबाइल एप तथा वर्क मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल के संबंध में भी जानकारी दी। बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त प्रज्ञा केवलरामानी, संयुक्त शासन सचिव मंजू मार्शल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









