बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज में उप प्राचार्य प्रभा अग्निभोज को नियम विरुद्ध प्राचार्य का प्रभार सौंपा

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उप प्राचार्य को प्राचार्य का प्रभार सौंपने पर उठे सवाल, एनएसयूआई ने मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल से मान्यता की जांच और कार्रवाई की मांग की

बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज में नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप, एनएसयूआई ने प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव पर नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप

भोपाल – राजधानी भोपाल स्थित आईसीएमआर–बीएमएचआरसी के नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य का पद रिक्त होने के बावजूद उप प्राचार्य को प्राचार्य का प्रभार सौंपे जाने को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव द्वारा इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) तथा मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) के मानकों की अनदेखी करते हुए नर्सिंग कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा संस्थानों में प्राचार्य की नियुक्ति, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव तथा पद की पात्रता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज में उप प्राचार्य के पद पर कार्यरत श्रीमती प्रभा अग्निभोज को प्राचार्य का प्रभार सौंपने से पहले संबंधित नियामक संस्थाओं के सभी आवश्यक नियमों और पात्रता मानकों का पालन किया गया है या नहीं।

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INC और MPNRC के नियमों की अनदेखी का आरोप

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, नर्सिंग क्षेत्र का अनुभव और अन्य अनिवार्य पात्रताओं का पालन किए बिना किसी अधिकारी को प्राचार्य का प्रभार सौंपना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो सकता है। अक्षय तोमर ने कहा कि प्रभा अग्निभोज की प्राचार्य पद के लिए पात्रता, उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और नियामक मानकों के अनुरूप नियुक्ति की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए। तोमर ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित दस्तावेजों और नियमों के आधार पर पात्रता की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इस नियुक्ति को नियमसम्मत मानना उचित नहीं होगा।

एनएसयूआई की मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल को चेतावनी

रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता विद्यार्थियों के भविष्य, कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और नर्सिंग शिक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में ही यदि नियामक मानकों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है।

मान्यता निरस्त नहीं की तो होगा काउंसिल का घेराव

एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा इस मामले में समयबद्ध जांच नहीं कराई गई और नियमों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन छात्रहित में काउंसिल कार्यालय का घेराव करेगा।