भागलपुर। विक्रमशिला क्षेत्र में आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले बेली ब्रिज को 1 अक्टूबर से पूरी तरह यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। पुल की जर्जर स्थिति को सुधारने और आवश्यक मरम्मत एवं तकनीकी कार्यों को पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। मरम्मत के दौरान पुल पर किसी भी तरह के वाहनों या लोगों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुल को बंद किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि मरम्मत के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पुल की मरम्मत का उद्देश्य इसे दोबारा मजबूत और सुरक्षित बनाना है। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और संरचनात्मक कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जाएंगे। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की तकनीकी और संरचनात्मक स्थिति की जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इसे दोबारा आम लोगों और वाहनों के आवागमन के लिए खोला जाएगा। फिलहाल पुल के दोबारा खुलने की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
– भागलपुर-नवगछिया के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
बेली ब्रिज के बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। छोटे-बड़े वाहनों के साथ स्थानीय यात्रियों को भी वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। पुल बंद होने के बाद आसपास के अन्य मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार करने में जुटा है, ताकि लोगों को आवाजाही में कम से कम परेशानी हो।
– वैकल्पिक मार्गों पर प्रशासन की तैयारी
प्रशासन की ओर से वाहनों और आम लोगों के सुचारु आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों तथा उपलब्ध परिवहन साधनों के इस्तेमाल की व्यवस्था की जा रही है। यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जाने की तैयारी है। 1 अक्टूबर से पुल बंद होने की तारीख तय होने के बाद अब स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की नजर मरम्मत कार्य की अवधि और पुल के दोबारा खुलने की तारीख पर है। पुल के पुनः चालू होने तक यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।









