पोहा-जलेबी या दाल-बाटी? इंदौर पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पूछा खाने का सवाल

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इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज यानी शनिवार (19 सितंबर) को इंदौर में आयोजित बहुप्रतीक्षित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद पार्टी की ओर से इस भव्य आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

सोशल मीडिया पर इंदौर के व्यंजनों का जिक्र

अपने इस दौरे से ठीक पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक खास पोस्ट शेयर करके इंदौर के प्रसिद्ध खानपान को लेकर जनता से सवाल किया। उन्होंने लिखा, "कल (19 सितंबर) क्या खिला रहे हो, इंदौर? पोहा, जलेबी या कुछ और!" इसके साथ ही उन्होंने लोगों को कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव देने के लिए कहा। इस पोस्ट पर इंदौरवासियों और उनके प्रशंसकों ने जमकर प्रतिक्रिया दी और कमेंट्स में दाल-बाटी, कचौड़ी-समोसा, सेव-मिक्चर और दाल-बाफले जैसे लजीज व्यंजनों के ढेरों विकल्प सुझाए।

राहुल गांधी के दौरे का पूरा शेड्यूल

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राहुल गांधी आज दोपहर 2 बजे इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे होटल के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात, शाम 6 बजे वे रीजनल पार्क के सामने स्थित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी जेन-जी (Gen-Z) युवाओं से रूबरू होंगे तथा बेरोजगारी, शिक्षा और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मुख्य आयोजन के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जिसमें प्रसिद्ध गायक राघव चैतन्य अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे रात 9 बजे इंदौर से रवाना हो जाएंगे।

चाक-चौबंद सुरक्षा और भव्य तैयारियां

इस विशाल आयोजन के लिए सुरक्षा और प्रबंधन के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के लिए कुल 7 गेट बनाए गए हैं, जिनमें से 2 वीआईपी (VIP) और 1 वीवीआईपी (VVIP) के लिए आरक्षित हैं, जबकि विद्यार्थियों की एंट्री के लिए अलग से प्रवेश द्वार तय किए गए हैं। इस कार्यक्रम के लिए 1.5 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सभा स्थल पर शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,500 वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा को लेकर 31 कड़ी शर्तें रखी गई हैं, जिसमें नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाना, ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध और भारी भीड़ को 2-2 हजार की क्षमता वाले अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित करना शामिल है।