पंजाब में ASI हत्याकांड का मुख्य आरोपी ढेर, जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन

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अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में कर्तव्यनिष्ठ सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) हरजीत सिंह की ड्यूटी के दौरान गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के प्रकरण में पुलिस प्रशासन ने त्वरित एवं बड़ी कार्रवाई की है। घटना के महज 45 घंटों के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक सिंह को एक मुठभेड़ (एंकाउंटर) में ढेर कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ देर रात घटित हुई, जिसका लाभ उठाकर दूसरा आरोपी अंधेरे में फरार होने में सफल रहा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस की कई विशेष टीमें निरंतर छापेमारी कर रही हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस आपराधिक वारदात को पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी और उसके आतंकी मॉड्यूल के इशारे पर अंजाम दिया गया था।

पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए आरोपी की पहचान अमृतसर के मुलेचक गांव निवासी दीपक सिंह के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एएसआई हरजीत सिंह पर रात्रि गश्त (पेट्रोलिंग) के दौरान मोटरसाइकिल सवार अपराधियों द्वारा गोलियां चलाई गई थीं, जिनमें दीपक सिंह भी शामिल था।

पुलिस आयुक्त (CP) हरमनबीर सिंह ने दी विस्तृत जानकारी

अमृतसर के पुलिस आयुक्त हरमनबीर सिंह गिल ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 18 तारीख को हुई एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले को पुलिस प्रशासन ने अत्यंत संजीदगी से लिया। पूरे शहर में कड़े सुरक्षा चेकपॉइंट स्थापित किए गए थे, जिसमें ठंडा रोड का नाका भी शामिल था। सटीक सूचना प्राप्त होते ही पूरे क्षेत्र में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया गया था। जब ठंडा रोड चेकपॉइंट पर संदिग्ध को रुकने का संकेत दिया गया, तो उसने पुलिस टीम पर सीधी गोलीबारी शुरू कर दी।

 

उन्होंने आगे बताया कि आरोपी ने चार चक्र (राउंड) गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ छह चक्र गोलियां चलाईं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली आरोपी को लगी। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु चिकित्सालय ले जाया गया, परंतु मार्ग में ही उसने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान उसका दूसरा साथी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा।

पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे तार

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस हत्या को अंजाम देने वाले अपराधी पाकिस्तान आधारित आतंकवादी शहजाद भट्टी के निरंतर संपर्क में थे। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य भी सामने आया है कि एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के उपरांत आरोपी पुनः घटनास्थल पर पहुंचे, वहां का वीडियो बनाया और अपने आकाओं को भेजा। यह संपूर्ण घटनाक्रम पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी द्वारा संचालित मॉड्यूल का ही परिणाम था।