भोपाल। मध्य प्रदेश में हवाई सेवाओं और एयर कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ने जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ ‘उड़े देश का आम नागरिक- UDAN’ योजना के तहत महत्वपूर्ण समझौता (MoU) करने जा रही है। विमानन विभाग और राज्य सरकार के बीच यह करार मंगलवार (22 सितंबर) को संपन्न होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ना है।
सिंगरौली और रतलाम में बनेंगे नए एयरपोर्ट
इस योजना के तहत केंद्र सरकार मध्य प्रदेश को 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जबकि नए हवाई अड्डे विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि से राज्य में हवाई बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा। बता दें कि पिछली बार केंद्र की ओर से प्रदेश को 45 करोड़ रुपये की राशि मिली थी।
पहले चरण में इन शहरों पर फोकस
मध्य प्रदेश में इस योजना के पहले चरण के तहत 10 हवाई पट्टियों (Airstrips) को विकसित कर एयरपोर्ट में बदलने का प्रस्ताव है:
सिंगरौली
सागर
नीमच
छिंदवाड़ा
मंडला
खंडवा
रतलाम
मंदसौर
उमरिया
शहडोल
इनमें से सबसे पहले सिंगरौली और रतलाम में एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में शिवपुरी और उज्जैन में भी नए एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
मध्य प्रदेश में एयर ट्रैफिक का वर्तमान परिदृश्य
फिलहाल राज्य में इंदौर (देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट), भोपाल (राजा भोज एयरपोर्ट), जबलपुर (डुमना एयरपोर्ट), ग्वालियर (विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट), खजुराहो, रीवा और दतिया में एयरपोर्ट संचालित हैं। सिंगरौली और रतलाम में एयरपोर्ट बन जाने के बाद मध्य प्रदेश में पूर्ण विकसित हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी, जहां से नियमित उड़ानों का संचालन होगा।
2028 के सिंहस्थ से पहले उज्जैन को सौगात
साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। उज्जैन में बनने वाले नए एयरपोर्ट के लिए सभी आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरियां पहले ही मिल चुकी हैं, और इसे सिंहस्थ मेले के शुरू होने से पहले पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।









