झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले की मनोहरथाना और बारां जिले की अंता सीट से पूर्व विधायक रह चुके कंवरलाल मीणा को आवश्यक कारणों के चलते 15 दिन की आपात पैरोल (Emergency Parole) मंजूर की गई है। पैरोल स्वीकृत होने के बाद सोमवार देर शाम उन्हें झालावाड़ जिला जेल से रिहा कर दिया गया। यह दूसरा अवसर है जब कंवरलाल मीणा पैरोल पर जेल से बाहर आए हैं।
एसडीएम पर बंदूक तानने के मामले में काट रहे हैं सजा
पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा वर्षों पुराने एक चर्चित मामले में तीन साल की सजा काट रहे हैं। यह पूरा प्रकरण मनोहरथाना इलाके में सरपंच चुनाव के दौरान एसडीएम पर पिस्टल तानने के आरोपों से जुड़ा हुआ है। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वे झालावाड़ जिला जेल में बंद हैं। कुछ समय पूर्व जेल के बाथरूम में फिसलने के कारण चोट लगने पर उन्हें झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था।
जेल प्रशासन ने दी रिहाई की पुष्टि
झालावाड़ जेल के डीवाईएसपी रोहित कौशिक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत पूर्व विधायक की 15 दिन की आपात पैरोल मंजूर की गई है। सोमवार की शाम उन्हें कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। पैरोल की अवधि समाप्त होने पर उन्हें नियत समय पर वापस जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। पैरोल मिलने की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों और क्षेत्र के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
दो बार विधायक रह चुके हैं कंवरलाल मीणा
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो कंवरलाल मीणा अपने राजनीतिक सफर में दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार झालावाड़ जिले की मनोहरथाना विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद, पार्टी द्वारा उन्हें बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया था, जहाँ उन्होंने कड़े मुकाबले में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को पराजित कर जीत हासिल की थी।








