दमोह में जुआ फड़ पर दबिश के बाद मौत से हड़कंप, 8 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

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दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार रात्रि जुआ अड्डे पर पुलिस की छापेमारी के दौरान हिरासत में लिए गए 50 वर्षीय शिव सिंह लोधी की मृत्यु हो गई। इस घटना के पश्चात हिंडोरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में परिजनों और ग्रामीणों का भारी जमावड़ा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में हुई मारपीट के कारण उनकी मृत्यु हुई है, जबकि पुलिस प्रशासन ने मृत्यु के प्राथमिक कारणों पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराए जाने का निर्णय लिया।

मृतक शिव सिंह लोधी ग्राम टिकरी पिपरिया के निवासी थे। स्वजनों के अनुसार, बांदकपुर एवं हिंडोरिया पुलिस की टीम ने हलगज क्षेत्र से उन्हें पकड़ा था। मृतक के पुत्र का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने उनके पिता के साथ मारपीट की और स्थिति बिगड़ने पर परिजनों को दूरभाष से सूचित किया। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक शिव सिंह की मृत्यु हो चुकी थी। परिजनों ने यह भी स्पष्ट किया कि यद्यपि वे पूर्व से हृदय रोग से पीड़ित थे और उनके हृदय में स्टेंट लगा हुआ था, तथापि उनकी मृत्यु बीमारी के कारण न होकर पुलिसिया कार्रवाई के दौरान लगी चोटों का परिणाम है।

जुआ अड्डे पर पुलिस की संयुक्त छापेमारी

गुरुवार रात्रि हलगज क्षेत्र में अवैध रूप से जुआ संचालित होने की गुप्त सूचना पर बांदकपुर तथा हिंडोरिया पुलिस ने संयुक्त रूप से दबिश दी थी। पुलिस बल को देखकर वहां उपस्थित अनेक लोग भागने में सफल रहे, जबकि शिव सिंह लोधी को पुलिस ने पकड़ लिया। तत्पश्चात पुलिस उन्हें हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृत्यु की सूचना प्रसारित होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय नागरिक अस्पताल में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने न केवल पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न खड़े किए, अपितु क्षेत्र में लंबे समय से संचालित अवैध शराब व जुए के कारोबार पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया, जिससे देर रात्रि तक अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।

अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर

परिस्थिति को नियंत्रित करने हेतु पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी घटनास्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, किंतु परिजन दोषी कर्मियों पर वैधानिक कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए समीपस्थ थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।

बाद में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी स्वयं स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक भी उपस्थित रहे। रात्रि भर चले हंगामे के मध्य पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

8 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, लाइन अटैच किए गए

घटनाक्रम में मृत्यु के वास्तविक कारणों को लेकर जांच जारी है। शुक्रवार को गठित विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए मामले में शामिल 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। निलंबित/लाइन अटैच किए गए कर्मियों में एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक संजय पाठक, वीरेंद्र मिश्रा, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर तथा आरक्षक दीपचंद्र चौधरी एवं शिवसदन शामिल हैं।