बैतूल (मध्य प्रदेश)। बैतूल के जेएच (JH) महाविद्यालय परिसर में भगवान गणेश के विसर्जन समारोह के दौरान एक 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा की अचानक अस्वस्थ होने से मृत्यु हो गई। मृतका की पहचान प्रतीक्षा वर्मा के रूप में हुई है, जो कि बीएससी (प्रथम वर्ष) की गणित विषय की मेधावी छात्रा थीं और शाहपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सोहागपुर ढाना की निवासिनी थीं।
विसर्जन कार्यक्रम के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत
प्राप्त विवरण के अनुसार, प्रतीक्षा अपनी सहपाठिन सहेलियों के साथ महाविद्यालय परिसर में स्थापित गणेश प्रतिमा के दर्शनार्थ गई हुई थी। उस समय परिसर में विसर्जन का भव्य आयोजन चल रहा था तथा आसपास अत्यधिक उच्च तीव्रता (तेज आवाज) के साथ डीजे (DJ) संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि इसी कोलाहल के बीच प्रतीक्षा को अचानक चक्कर आया और वह अचेत होकर भूमि पर गिर पड़ी। सहेलियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे उठाकर बेंच पर बैठाया और जलपान कराया, किंतु कुछ ही पलों में वह पूर्णतया बेहोश हो गई। इसके उपरांत परिजनों को तुरंत सूचित किया गया और उसे आपातकालीन स्थिति में जिला चिकित्सालय बैतूल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकीय पृष्ठभूमि और परिजनों का दावा
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतका प्रतीक्षा अध्ययन में अत्यंत प्रतिभावान थी। उसे जन्मजात हृदय में छिद्र (हार्ट डिफेक्ट) की चिकित्सीय समस्या थी, जिसका पूर्व में बैतूल से लेकर भोपाल तक उपचार कराया गया था। हालांकि, पिछले पांच-छह वर्षों से वह पूर्ण रूप से स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रही थी। परिजनों का यह भी कहना है कि इस लंबी अवधि में उसे कभी भी चक्कर आने अथवा घबराहट की कोई शिकायत नहीं हुई थी, और दुर्घटना के दिन प्रातःकाल ही उसने घर पर गणेशोत्सव के दौरान उल्लासपूर्वक नृत्य भी किया था।
तेज आवाज वाले डीजे को लेकर गंभीर सवाल
शोकसंतप्त परिजनों ने घटना के लिए प्रत्यक्ष रूप से तेज ध्वनि में बज रहे डीजे को उत्तरदायी ठहराया है। उनका तर्क है कि यदि डीजे की आवाज नियंत्रित होती, तो शायद उनकी पुत्री की प्राण-रक्षा संभव हो सकती थी। यद्यपि, स्थानीय पुलिस प्रशासन तथा चिकित्सकों ने अभी तक डीजे की तेज ध्वनि को मृत्यु का आधिकारिक कारण घोषित नहीं किया है।
पुलिस प्रशासन का पक्ष और आगामी जांच
इस संबंध में एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि रात्रि लगभग साढ़े नौ बजे यह सूचना प्राप्त हुई थी कि महाविद्यालय के गणेश पंडाल में एक छात्रा को चक्कर आ गया है। प्रारंभिक अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है कि मृतका को पूर्व से ही हृदय संबंधी गंभीर बीमारी का इतिहास रहा है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित भिजवा दिया है। विधिक पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के पश्चात ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पुख्ता खुलासा हो सकेगा। इस आकास्मिक त्रासदी के बाद मृतका के परिवार तथा कॉलेज की छात्राओं में गहरा शोक व्याप्त है, तथा आयोजनों में बजने वाले अनियंत्रित डीजे के दुष्प्रभावों पर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है।









