भोपाल मास्टर प्लान-2047 में बड़े बदलाव, हरित क्षेत्र 16 से बढ़कर 27 फीसदी करने का प्रस्ताव

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को 21 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नया मास्टरप्लान मिल गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए 'भोपाल विकास योजना-2047' के प्रारूप के प्रकाशन की आधिकारिक घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण कदम अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर उठाया गया है।

सीएम मोहन यादव की घोषणा और उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर जैसे भोजताल, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम यातायात (मोबिलिटी) और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस प्रारूप पर आम नागरिक अपने सुझाव और आपत्तियां भी दर्ज करा सकेंगे।

मास्टरप्लान 2047 की मुख्य विशेषताएं

  • हरित क्षेत्र में वृद्धि: योजना के तहत शहर के हरित क्षेत्र को 16% से बढ़ाकर 27% कर दिया गया है।

  • हरित टीडीआर (TDR) का प्रावधान: हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के मालिकों को मुआवजा देने और विकासकर्ताओं को अतिरिक्त विकास की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है।

  • ईकेएआई सिटी (EKAI): शहर में एजुकेशन, नॉलेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (EKAI) सिटी के विकास का प्रस्ताव शामिल है।

  • आर्थिक और ढांचागत विकास: ग्रोथ कॉरिडोर के जरिए आर्थिक विकास, महानगरीय अवधारणा के प्रस्ताव और TOD नीति के अनुसार मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • सुविधाएं और सुरक्षा: असीमित एफएआर (FAR) व भवन ऊंचाई, विकास मापदंडों का सरलीकरण, किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) को प्रोत्साहन, और सेफ सिटी के प्रावधान।