दिव्य ऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत मामले में FIR, अज्ञात पर गैर इरादतन हत्या का आरोप

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भोपाल: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) भोपाल महानगर के जिला महामंत्री और युवा अधिवक्ता दिव्य ऋषि तिवारी की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में एमपी नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। यह हादसा बिजली के खंभे से करंट उतरने के कारण हुआ था, जो प्रारंभिक जांच में नगर निगम का बताया जा रहा है। हालांकि, खंभे में करंट कहां से और कैसे आया तथा इस लापरवाही के लिए असल में कौन जिम्मेदार है, इन तमाम पहलुओं को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन दोनों स्तरों पर गहन जांच की जा रही है।

चार सदस्यीय जांच समिति का गठन

घटना की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने चार सदस्यीय एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा, बिजली विभाग के कार्यपालिका नियंत्रक मोहम्मद जावेद और अधीक्षण अभियंता प्रदीप सिंह चौहान को शामिल किया गया है। यह समिति हादसे के वास्तविक कारणों, बिजली के खंभे और वहां की पूरी विद्युत व्यवस्था की स्थिति की बारीकी से जांच करेगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि खंभे में करंट उतरने के पीछे क्या तकनीकी खामी थी या किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं बरती गई। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी यह जांच रिपोर्ट पांच दिन के भीतर जिला प्रशासन को सौंपे।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए दिवंगत दिव्य ऋषि तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की है और जिला प्रशासन को इस मामले में त्वरित जांच कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

आपराधिक जांच के दायरे में मामला

दिव्य ऋषि तिवारी भोपाल में भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री होने के साथ-साथ एक सक्रिय युवा अधिवक्ता भी थे। उनकी अचानक हुई इस मौत के बाद से शहर में भारी शोक और रोष का माहौल है। पुलिस द्वारा अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब इस मामले की आपराधिक जांच भी तेज हो गई है। अब जांच का मुख्य केंद्र यह है कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले इस बिजली खंभे में घातक करंट कैसे पहुंचा और इस गंभीर लापरवाही के लिए किसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।