नई दिल्ली: एसआईआर (SIR) और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी अब विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए नेता प्रतिपक्ष को सीधी चेतावनी दी है।
जेपी नड्डा की राहुल गांधी को खुली चुनौती
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि "राहुल गांधी, कान खोलकर सुन लीजिए, झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता और न ही सच पराजित होता है।" नड्डा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विशेष रूप से नाम लिया। उन्होंने इन सभी नेताओं पर 'टूलकिट मानसिकता' अपनाने और संवैधानिक संस्थाओं को लगातार बदनाम कर देश की प्रगति में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया।
विपक्ष की राजनीति पर तीखा प्रहार
नड्डा ने विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके नेताओं की राजनीति का उद्देश्य जनसेवा, राष्ट्रीय सुरक्षा या राष्ट्रीय सम्मान बिल्कुल नहीं है, बल्कि इनका एकमात्र मकसद वंशवादी फायदों के लिए सत्ता हासिल करना है। इसके लिए ये लोग लगातार झूठ गढ़ते हैं और देश का माहौल खराब करने का काम करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जागरूक जनता विपक्ष की इन विघटनकारी साजिशों को भली-भांति समझती है और आने वाले समय में इन्हें निर्णायक रूप से खारिज कर देगी। नड्डा ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि कांग्रेस और पूरा 'इंडिया' गठबंधन देश की तरक्की को देखकर कुंठित और हताश हो चुका है।
चुनाव आयोग के भीतर विवाद और आरोपों का खंडन
विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के तमाम मनगढ़ंत आरोप तथ्यों की कसौटी पर बार-बार पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। चुनाव आयोग के भीतर एसआईआर को लेकर फैलाई गई मनगढ़ंत और भ्रामक खबरों का सभी चुनाव आयुक्तों ने मिलकर पर्दाफाश कर दिया है। इसके बावजूद विपक्षी दल अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और नए सिरे से देश का माहौल खराब करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
'आरोप लगाओ और भाग जाओ' विपक्ष की कार्यशैली
जेपी नड्डा ने विपक्ष की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए उसे 'आरोप लगाओ, देश का माहौल बिगाड़ो और भाग जाओ' की नीति करार दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि इन्हें न तो राष्ट्र की सुरक्षा से कोई सरोकार है, न आम जनता की भलाई से और न ही देश के मान-सम्मान से कोई मतलब है। इनका एकमात्र और अंतिम उद्देश्य सिर्फ सत्ता हथियाना है, और वह भी जनसेवा के लिए नहीं, बल्कि केवल 'परिवारवाद का पोषण' करने और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए है।









