भोपाल में बढ़ेगा सड़कों का नेटवर्क, 795 KM तक पहुंचेगी कुल लंबाई

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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राजधानी भोपाल के सुनियोजित विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने 'भोपाल मास्टर प्लान 2047' का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में शहर के विभिन्न सेक्टरों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नए ड्राफ्ट का मुख्य उद्देश्य भोपाल के रोड नेटवर्क को अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।

790 किलोमीटर से अधिक का होगा नया रोड नेटवर्क

भोपाल विकास योजना 2047 के अनुसार, राजधानी के मौजूदा 515 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क को काफी हद तक विस्तारित करने की तैयारी है। इस योजना के तहत सड़कों की कुल लंबाई को बढ़ाकर 795.61 किलोमीटर किया जाएगा, जिसके तहत भोपाल में लगभग 280.61 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सड़कों के चौड़ा होने से शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव और लंबी जाम की समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।

पुरानी योजनाओं के सबक और नई चुनौतियां

गौरतलब है कि पिछली 'भोपाल विकास योजना 2005' में कुल 26 सड़कों का प्रस्ताव रखा गया था, जिनमें से कई मार्ग आज तक धरातल पर नहीं उतर सके। बीते 20 वर्षों में उन प्रस्तावित रास्तों पर घनी बस्तियां और अवैध कॉलोनियां बस जाने के कारण अब वहां निर्माण कार्य कराना बेहद कठिन हो गया है। एक प्रस्तावित मार्ग पर तो करीब 446 मकान तक बन चुके हैं। इन्हीं अनुभवों से सीख लेते हुए अब मास्टर प्लान 2047 में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए और व्यावहारिक रास्ते प्रस्तावित किए गए हैं।

29 नई सड़कों का प्रस्ताव और 45 मीटर चौड़े मार्ग

बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए नए ड्राफ्ट में लगभग 280 किलोमीटर के नए और संशोधित सड़क मार्गों को शामिल किया गया है। इनमें अनंतपुर-घाटखेड़ी (10.18 किमी), अनंतपुर-कनासैया (1.56 किमी), बरई-अनंतपुर (10.35 किमी), बावड़िया कलां-चीचली कोलार (5.70 किमी) और दीपली-बागरोद (6.91 किमी) जैसी कुल 29 सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना है। इसके अलावा, कुल 14 प्रमुख सड़कों को लगभग 45 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 59.84 किलोमीटर होगी। इनमें अमरावद खुर्द-बंगरसिया, बगरोदा-रापड़िया, और बरई-बैरागढ़ चीचली मिसरोद जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं।