जडेजा की दावेदारी को लेकर बहुतुले ने दिया संकेत, विश्व कप के लिए टीम की तैयारी जारी

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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को लेकर राष्ट्रीय टीम प्रबंधन की ओर से एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने स्पष्ट किया है कि रवींद्र जडेजा अभी भी वर्ष 2027 में होने वाले आईसीसी वनडे विश्व कप के लिए भारत की दीर्घकालिक योजनाओं का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं। प्रबंधन जडेजा की बेहतरीन बल्लेबाजी क्षमता और उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव को ध्यान में रखते हुए उनकी उपयोगिता का लगातार आकलन कर रहा है। इसके साथ ही, टीम में उनके विकल्प के तौर पर प्रतिभाशाली ऑलराउंडर अक्षर पटेल की भूमिका पर भी बराबर नजर रखी जा रही है।

वर्तमान में 37 वर्षीय जडेजा इससे पहले अफगानिस्तान और इंग्लैंड के विरुद्ध खेली गई सीमित ओवरों की श्रृंखलाओं का हिस्सा नहीं थे, किंतु उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले एकदिवसीय (ODI) मुकाबले के जरिए भारतीय टीम में शानदार वापसी की है। हालांकि, इस वापसी वाले मुकाबले में वे विकेट लेने में असफल रहे और अपने कोटे के 10 ओवरों में 54 रन खर्च किए।

साईराज बहुतुले ने जडेजा के अनुभव और योगदान को सराहा

दूसरे वनडे मुकाबले की पूर्व संध्या पर मीडिया से बातचीत करते हुए कोच साईराज बहुतुले ने कहा कि आगामी श्रृंखलाएं और बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट टीम प्रबंधन को यह परखने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेंगे कि कौन सा खिलाड़ी किस विशिष्ट परिस्थिति में टीम के लिए सबसे अधिक उपयोगी साबित हो सकता है।

उन्होंने आगे कहा, 'अक्षर पटेल के साथ होने से हमारे पास एक मजबूत विकल्प है, और आने वाले टूर्नामेंटों व दौरों के दौरान हम खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन कर यह तय कर पाएंगे कि टीम के लिए क्या सबसे बेहतर है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि रवींद्र जडेजा अपनी शानदार बल्लेबाजी और विशाल अनुभव के साथ लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य की योजनाओं में उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।' बहुतुले ने जडेजा को एक अत्यंत उपयोगी ऑलराउंडर करार देते हुए कहा कि वे गेंद और बल्ले दोनों विभागों से मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, जडेजा ने पिछले छह महीनों में अपनी गेंदबाजी में भी उल्लेखनीय सुधार किया है।

श्रीलंका दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में भी किया प्रभावित

कोच बहुतुले ने हाल ही में श्रीलंका के विरुद्ध खेली गई दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला में जडेजा द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी भरपूर सराहना की। उस श्रृंखला में जडेजा ने घातक गेंदबाजी करते हुए कुल 8 विकेट अपने नाम किए थे। बहुतुले ने कहा कि श्रीलंका की पिचों पर टेस्ट मैचों के दौरान जडेजा की गेंदबाजी बेहद अनुशासित रही थी, और अब वेस्टइंडीज के खिलाफ लंबे अंतराल के बाद वनडे में वापसी करते हुए भी उन्होंने अच्छी लय दिखाई है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अभी श्रृंखला का केवल एक ही मुकाबला खेला गया है, इसलिए आगामी मैचों में उनके समग्र प्रदर्शन पर पैनी नजर बनी रहेगी।

कुलदीप यादव को बताया भारत का मैच विनर

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में अपनी फिरकी का जादू बिखेरने वाले स्टार कलाई के स्पिनर (रिस्ट स्पिनर) कुलदीप यादव की प्रशंसा करते हुए बहुतुले ने उन पर अपना पूरा भरोसा जताया। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने मैच में 40 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके थे और भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई थी। कुलदीप ने मात्र छह गेंदों के अपने दो ओवरों के स्पेल में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप, शानदार शतक जड़ने वाले जस्टिन ग्रीव्स और ज्वेल एंड्रयू जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। उनकी इस कातिलाना गेंदबाजी के दम पर ही भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 295/7 के स्कोर पर रोकने में सफलता पाई थी, जबकि कैरेबियाई टीम ने मैच के 20वें ओवर तक बिना किसी नुकसान के 135 रन बना लिए थे।

बहुतुले ने कहा कि कुलदीप हमेशा से भारत के लिए एक बड़े 'मैच विनर' (विजेता) साबित हुए हैं। उनकी अनोखी कलाई की स्पिन गेंदबाजी टीम को अन्य गेंदबाजों से अलग एक अनूठा विकल्प प्रदान करती है। उन्होंने यह भी साझा किया कि कुलदीप अपनी गेंदबाजी की कमियों पर निरंतर मेहनत करते रहते हैं और घरेलू व काउंटी क्रिकेट में खेलकर अपनी तैयारी को पुख्ता कर चुके हैं।

विश्व कप से ठीक पहले अलग-अलग संयोजनों पर प्रयोग

स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के चोटिल होने और कई अन्य खिलाड़ियों के एशियाई खेलों (एशियन गेम्स) में व्यस्त रहने की वजह से भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा एकदिवसीय श्रृंखला में विभिन्न प्रयोगों और नए संयोजनों को आजमा रही है। श्रृंखला के पहले मुकाबले में युवा नमन धीर को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण (डेब्यू) का अवसर मिला, जबकि अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को इस मैच में विश्राम दिया गया। इसके अतिरिक्त, हार्दिक के बैकअप खिलाड़ी के रूप में तैयार किए जा रहे नितीश कुमार रेड्डी ने नई गेंद से गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली।

कोच बहुतुले ने स्पष्ट किया कि इन मुकाबलों का मुख्य उद्देश्य टीम के भीतर अलग-अलग गेंदबाजी संयोजनों को परखना है, ताकि यह समझा जा सके कि किस खिलाड़ी को किस परिस्थिति और भूमिका में सबसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजी आक्रमण में तीन मुख्य गेंदबाजों के अलावा चौथे तेज गेंदबाज या एक अतिरिक्त ऑलराउंडर के विकल्प पर भी गहराई से विचार चल रहा है। टीम के सभी गेंदबाजों को चरणबद्ध तरीके से पर्याप्त मौके दिए जाएंगे, और आने वाले मैचों में युवा गुरनूर बराड़ को भी नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए देखा जा सकता है।

दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के अनुकूल तैयार होगी रणनीति

वर्ष 2027 के वनडे विश्व कप के लिए भारत की दीर्घकालिक तैयारियों पर बात करते हुए बहुतुले ने बताया कि अब टीम का पूरा ध्यान दक्षिण अफ्रीका की चुनौतीपूर्ण और उछालभरी पिचों के अनुकूल एक संतुलित संयोजन तैयार करने पर केंद्रित है। टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का एक बेहतरीन और संतुलित मिश्रण मौजूद है, तथा कई युवा खिलाड़ी लगातार अपने प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।

मैदान पर फील्डिंग के स्तर को लेकर उन्होंने कहा कि टीम इस पर लगातार और कड़ी मेहनत कर रही है। ओस (ड्यू) के प्रभाव और फ्लडलाइट्स की रोशनी के कारण रात के मुकाबलों में फील्डिंग करना अक्सर एक बड़ी चुनौती बन जाता है, इसलिए इस क्षेत्र में लगातार सुधार लाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने अंत में कहा कि पूरी टीम बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही है और विश्व कप से पहले मिलने वाले हर एक अवसर का पूरा सदुपयोग टीम के संयोजन को और अधिक मजबूत करने के लिए किया जाएगा।