एमपी में बदला मौसम का मिजाज, पांच शहरों में रात का तापमान 18 डिग्री के आसपास

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ ही मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और राज्य में गुलाबी ठंडक की आहट शुरू हो गई है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही प्रदेश के तापमान में अनोखा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जहाँ एक ओर रातें सुहावनी और ठंडी होने लगी हैं, वहीं दूसरी ओर दोपहर के समय तेज धूप अपना असर दिखा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में राज्य के सभी संभागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

न्यूनतम तापमान में गिरावट, रातें हुई ठंडी

प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने लगी है।

  • पारे की लुढ़कती चाल: बीती रात अमरकंटक में तापमान 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा राजधानी भोपाल और उज्जैन में 18 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है।

  • दिन में गर्मी का असर: इसके विपरीत, दिन के समय बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम जैसे जिलों में अधिकतम तापमान अभी भी 35 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे लोगों को दिन में तेज धूप और गर्मी का अहसास हो रहा है।

मानसून की वापसी और विदाई का शेड्यूल

30 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय पूरा हो चुका है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मानसून की वापसी की रेखा वर्तमान में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है, जबकि मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है।

  • अगले 2-3 दिनों में विदाई: माना जा रहा है कि अगले दो-तीन दिनों में मध्य प्रदेश से मानसून की वापसी का सिलसिला तेजी पकड़ेगा।

  • संभागवार विदाई: सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग से मानसून विदा होगा, जिसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों से भी यह रुखसत हो जाएगा। अनुमान है कि आगामी 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून की पूरी तरह विदाई हो जाएगी।

इस बार सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकता है अक्टूबर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में सामान्य तौर पर रात के तापमान में गिरावट और दिन में गर्मी का दौर देखा जाता है। इस बार भी इस प्रवृत्ति के कारण अक्टूबर के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है, जो बदलते मौसम के मिजाज को दर्शाता है।

बारिश का आँकड़ा: 4 फीसदी की मामूली कमी

इस बार के मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि यहाँ की सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर (37.3 इंच) है। इस प्रकार राज्यभर में लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

  • पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अंतर: राज्य के पूर्वी हिस्से (जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग) में सामान्य से 4 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 फीसदी की कमी बनी रही।

  • कम बारिश की वजह: जून के महीने में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होना इसका मुख्य कारण रहा। हालाँकि जुलाई में अच्छी वर्षा हुई और सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी दौर मजबूत रहा, लेकिन जून की शुरुआती भरपाई पूरी तरह नहीं हो सकी।