कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राज्य में उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर जल्द ही समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' जैसी गतिविधियों के खिलाफ भी सख्त नए कानून बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि इन सभी महत्वपूर्ण कानूनों को आगामी छह महीनों के भीतर धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
संविधान के दायरे में रहकर काम करेगी सरकार—मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता में आयोजित विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पूरी तरह से देश के संविधान के अनुसार ही कार्य करेगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि सरकार भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं पर किसी भी प्रकार का प्रहार नहीं होने देगी तथा सभी पूजा स्थलों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, राज्य में धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष धार्मिक पर्यटन सर्किट भी विकसित किया जाएगा, जिसे अगले दो वर्षों के भीतर लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा का संकल्प
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन का लक्ष्य राज्य के तमाम धार्मिक स्थलों और उनसे जुड़े पर्यटन क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार भारतीय संस्कृति, मंदिरों, मठों और राष्ट्र की अमूल्य विरासत की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से एकजुट रहने और समाज को बांटने वाली 'विभाजनकारी ताकतों' के खिलाफ हमेशा सतर्क रहने की अपील भी की।
छह महीने के भीतर सख्त कानून लाने का किया गया दावा
समान नागरिक संहिता के संवेदनशील मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल भी उत्तराखंड और गुजरात की तरह यूसीसी को अपने यहां लागू करेगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से आग्रह किया कि वे सरकार को छह महीने का समय दें, जिसके बाद 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ बेहद कड़े और निर्णायक कानून लाए जाएंगे। राज्य सरकार ने यूसीसी के पूरे मसौदे की कानूनी जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस प्रस्तावित पश्चिम बंगाल यूसीसी विधेयक में विवाह, तलाक, संपत्ति में उत्तराधिकार और बच्चों को गोद लेने जैसे तमाम पारिवारिक मामलों में सभी समुदायों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करने का प्रावधान शामिल है। यूसीसी भारतीय जनता पार्टी के वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के प्रमुख चुनावी वादों में से एक था।
पिछली टीएमसी सरकार की कार्यप्रणाली पर बोला गया तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की नीतियों और कामकाज पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पतन के कई अंतरिम कारण थे, लेकिन हिंदुओं की भावनाओं, धार्मिक संगठनों, देवी-देवताओं और पारंपरिक मान्यताओं को बार-बार ठेस पहुँचाया जाना इसके प्रमुख कारणों में शामिल था। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ने लंबे समय तक इस अपमान को सहन किया और आखिरकार लोकतांत्रिक तरीके से उस पार्टी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े अपने पुराने अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वह एक स्वयंसेवक के रूप में उस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बने थे। वर्ष 2021 से 2026 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने हमेशा राज्य में हिंदुओं पर होने वाले कथित अत्याचारों के खिलाफ मुखर होकर अपनी आवाज उठाई है।
बड़े पैमाने पर आयोजित होंगे सामूहिक हनुमान चालीसा और गीता पाठ के कार्यक्रम
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आगामी बड़े धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि नवंबर के महीने में नेताजी इंडोर स्टेडियम में लगभग 20,000 लोग एक साथ सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके साथ ही, आगामी 29 दिसंबर को राज्य स्तर पर 10 लाख लोगों द्वारा सामूहिक गीता पाठ का एक अलौकिक आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उनकी सरकार ने अगले साल आयोजित होने वाले पवित्र गंगासागर मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं, और इस बार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।









