फैजूल उलूम मदरसे की जांच तेज, 16 साल की वसूली और 5 करोड़ से ज्यादा की रकम पर सवाल

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के लोहता स्थित अलावल क्षेत्र के 'फैजूल उलूम मदरसे' में मेंटेनेंस और अन्य शुल्कों के नाम पर छात्रों से भारी मात्रा में अवैध वसूली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पिछले 16 वर्षों से लगातार कक्षा एक से 12वीं तक के बच्चों से मनमाने तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

अलावल मोहल्ले में संचालित 'फैजूल उलूम मदरसा' सरकार से मान्यता प्राप्त और अनुदानित संस्था है, जिसमें वर्तमान में 913 छात्र अध्ययनरत हैं। मदरसा कमेटी के एक सदस्य और शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि साल 2010 से लेकर 2026 तक छात्रों से बिजली, पानी और फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाओं के मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने 40 से लेकर 350 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क वसूला गया है। इसके एवज में बाकायदा रसीदें भी दी जाती रही हैं।

मदरसा नियमावली 2016 का खुला उल्लंघन

सरकारी नियमों के अनुसार, चूंकि मदरसा अनुदानित है, इसलिए यहां केवल सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क लेने का ही प्रावधान है। 'मदरसा नियमावली 2016' के तहत अनुदानित मदरसों में छात्रों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त या मनमाना शुल्क लिया जाना पूरी तरह से अवैध है। इसके बावजूद मदरसा प्रशासन द्वारा लगातार यह वसूली की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने अवैध वसूली से जुड़ी रसीदों के सबूत भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे हैं।

अधिकारियों ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए मदरसा कमेटी के सदस्य ने जिला कलेक्टर (जिलाधिकारी) सत्येंद्र कुमार और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रितेश बिंदल से मिलकर तुरंत हस्तक्षेप करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस पूरे मामले पर प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रितेश बिंदल ने बताया कि मदरसे में अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की शिकायत मिली है और कुछ रसीदें भी साक्ष्य के तौर पर प्राप्त हुई हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, मदरसे के प्रधानाचार्य अब्दुल कलाम का कहना है कि बच्चों से 40 से 350 रुपये तक लिए जाते हैं और उसकी रसीद भी दी जाती है, लेकिन इस मामले को लेकर केवल अनावश्यक विवाद बढ़ाया जा रहा है।