मासिक धर्म के दौरान छुट्टी का प्रावधान, नेपाल सरकार ला रही नया कानून

0
10

बैंकॉक। पिछले छह महीनों से मिडिल ईस्ट के समुद्री क्षेत्र में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत तैनात दुनिया का शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश अब विश्राम की मुद्रा में आ गया है। अपने लगभग 4,800 साहसी नाविकों और सैनिकों के साथ यह विशालकाय अमेरिकी युद्धपोत सीधे थाईलैंड के खूबसूरत फुकेट द्वीप पर पहुंच गया है, जिससे वहां अमेरिकी सैन्यबलों की भारी चहल-पहल देखने को मिल रही है।

फुकेट में सैनिकों का विश्राम और सांस्कृतिक गतिविधियां

मिडिल ईस्ट के कड़े और लंबे मिशन के बाद अमेरिकी सैनिकों को यहां राहत के पल बिताने का मौका मिला है। युद्धपोत समुद्र में लंगर डाले हुए है और सैन्यकर्मी बोट्स के माध्यम से तट पर पहुंच रहे हैं। फुकेट में इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की यह पहली पोर्ट कॉल है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सैनिक 4 से 9 अक्टूबर तक यहीं रहेंगे। इस दौरान उनके लिए कई तरह की गतिविधियां तय की गई हैं, जिनमें स्थानीय समुदाय के साथ मेल-जोल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता, दर्शनीय स्थलों की सैर और अमेरिका-थाईलैंड के बीच होने वाला एक रोमांचक फुटबॉल मैच शामिल है।

रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक प्रभाव

थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया में अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य सहयोगी देश है और दोनों के बीच मजबूत रक्षा संधियां भी हैं। ऐसे में इस युद्धपोत का फुकेट पहुंचना सिर्फ отдыха (आराम) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के गहरे रणनीतिक संबंधों को भी दर्शाता है। इसके अलावा, इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिला है, क्योंकि सैन्यकर्मियों द्वारा यहाँ रोजाना अच्छी खासी राशि खर्च किए जाने का अनुमान है।